प्रदेश की पांच सहकारी चीनी मिलों को राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कार के लिए चुना गया है। इन्हें राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ नई दिल्ली की ओर से आयोजित समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा। देश में 161 और प्रदेश में 24 सहकारी चीनी मिलें संचालित हैं। किसान सहकारी चीनी मिल स्नेहरोड (बिजनौर) को देशभर में सर्वोत्तम सहकारी चीनी मिल के लिए चुना गया है।
इसी तरह किसान सहकारी चीनी मिल पुवायां (शाहजहांपुर) को अधिकतम चीनी परता, तिलहर स्थित चीनी मिल को गन्ना विकास, सठियाव स्थित चीनी मिल को तकनीकी दक्षता तथा रमाला स्थित चीनी मिल को अधिकतम गन्ना पेराई के लिए राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास संजय आर भूसरेड्डी ने बताया कि रमाला स्थित चीनी मिल की पेराई क्षमता 2750 टीसीडी से बढ़ाकर 5000 टीसीडी की गई है। यहां 27 मेगावाट कोजन प्लांट की स्थापना की गयी। पहली बार पेराई सत्र 2019-20 में ही 83 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर इस मिल ने राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कार हासिल किया है। स्नेह रोड चीनी मिल को लगातार तीन वर्षों से देश की सर्वोत्तम सहकारी चीनी मिल चुना गया है।