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सपा पर कब्जा करने के बाद 'साइकिल' पर दावा करेंगे मुख्यमंत्री अखिलेश

Sun, 01 Jan 2017 10:06 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किए जाने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पूरी फॉर्म में हैं। सपा के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल को पार्टी कार्यकारिणी गठन करने का आदेश देने के बाद अखिलेश अब चुनाव आयोग के सामने पार्टी के चुनाव चिन्ह साइकिल पर दावा करेंगे।
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उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित होने के साथ ही शिवपाल सिंह यादव को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया गया तो अमर सिंह को पार्टी से बर्खास्त कर दिया।

इसके बाद उन्होंने नरेश उत्तम पटेल को पार्टी का अध्यक्ष घोषित करने के साथ ही लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय पर कब्जा कर लिया। अखिलेश समर्थकों ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल से जुड़ी चीजों को वहां से हटा दिया।

कार्यालय में सपा कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए नरेश ने अध्यक्ष बनाने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश का आभार जताया और कहा कि वह सपा को मजबूत करेंगे।
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मुलायम ने की जवाबी कार्रवाई

मुलायम ‌सिंह यादव - फोटो : amar ujala
अखिलेश के इन फैसलों से जहां उनके समर्थक उत्साहित हैं। वहीं, सपा सुप्रीमो मुलायम ने उन पर जवाबी कार्रवाई की।

मुलायम ने अपने तीखे तेवर जारी रखते हुए किरनमय नंदा व नरेश अग्रवाल को पार्टी से निकाल दिया। उन्होंने आपातकालीन राष्ट्रीय अधिवेशन की अध्यक्षता करने पर किरनमय पर कार्रवाई की। नरेश अग्रवाल भी अधिवेशन में शामिल हुए थे।

इसके पहले रविवार को जनेश्वर मिश्र पार्क में सपा के आपातकालीन राष्ट्रीय अधिवेशन के कुछ घंटे बाद ही पार्टी के संसदीय बोर्ड ने बड़ा फैसला करते हुए रामगोपाल यादव को फिर से पार्टी से छह साल के लिए निकाल दिया गया।

इसके जवाब में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी कड़ा फैसला करते हुए मुलायम के करीबी आशू मलिक की सुरक्षा वापस ले ली। आशू मलिक एमएलसी हैं और उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी।
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राष्ट्रीय अधिवेशन के फैसलों को रद्द करने की बात कही

सपा के संसदीय बोर्ड द्वारा जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि रविवार को जनेश्वर मिश्र पार्क में बुलाया गया पार्टी का आपातकालीन अधिवेशन असंवैधानिक हैं और इसमे लिए जाने वाले सारे फैसले रद्द किए जाते हैं।

पत्र में यह भी कहा गया है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष पहले जारी की गई प्रत्याशियों की सूची को अनुमोदित करतें है और बाकी बचे प्रत्याशियों की घोषणा करने का आदेश दिया गया।

पत्र में कहा गया है कि सपा सुप्रीमो मुलायम ने कड़ी मेहनत कर पार्टी को खड़ा किया है। कुछ लोग अपने कुकृत्यों को छुपाने, सीबीआई से बचने व भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने ही पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाया।

संसदीय बोर्ड ने सपा का राष्ट्रीय अधिवेशन पांच जनवरी को जनेश्वर मिश्र पार्क में बुलाया गया है, जिससे कि जनता के बीच फैले भ्रम को दूर किया जा सके।
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