रविवार से लेकर सोमवार तक भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी लखनऊ में विराजमान हैं।
भले ही वह यहां राष्ट्रधर्म पत्रिका के एक विशेषांक के विमोचन के लिए आए हों, पर मामला सियासी लग रहा है।
भारतीय जनता पार्टी के कुछ सूत्रों के मुताबिक, बड़ा सियासी परिवर्तन होता नजर आ रहा है।
दरअसल, वजह हैं भाजपा के पीएम इन वेटिंग नरेंद्र मोदी। देश की सियासत में उथल-पुथल मचाने के बाद मोदी अब मुरली मनोहर जोशी की जमीन पर बंसी बजाने की तैयारी कर रहे हैं।
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यूपी में हुई दो रैलियां और दोनों ही रैलियों में ''मेरा उत्तर प्रदेश'' का संबोधन...इशारा मोदी भी कर रहे हैं। रविवार को बिहार से भी दहाड़कर मोदी या उनके चुनावी रणनीतिकार यह बताना चाह रहे हैं कि यूपी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
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दिलचस्प बात यह है कि यह महज कोरी कल्पना भी नहीं। इसकी तस्दीक कर रहे हैं खुद भाजपा के ही लोग। कुछ कार्यकर्ता तो नाम न प्रकाशित किए जाने की शर्त पर यह दावा तक कर रहे हैं कि मोदी वाराणसी से ही चुनाव लड़ेंगे।
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भाजपा के अंदुरूनी सूत्रों की मानें तो एक बार फिर चर्चा गर्म है कि मोदी यूपी में कहां से लड़ेंगे। माना जा रहा है कि लखनऊ, इलाहाबाद, फैजाबाद से होते हुए मोदी के कदम वाराणसी में थमेंगे।
वाराणसी से सधेंगे नितीश
चर्चा यह भी है कि मोदी की यह रणनीति नितीश पर हमलावर बने रहने की भी है। यह बात जगजाहिर है कि दोनों ही नेताओं में छत्तीस का आंकड़ा है और बनारस से मोदी पूर्वांचल और बिहार को मोदीमय करने की पूरी कोशिश करेंगे।
मोदी को चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष और बाद में पीएम का उम्मीदवार बनाने के बाद ही यह स्पष्ट हो गया था कि मोदी यूपी आ रहे हैं। खास बात तो यह रही है कि मोदी का नाम यूपी की चार लोकसभा सीटों के लिए उछला गया और किसी भी सीट पर उनके लड़ने की संभावना से पार्टी ने इनकार नहीं किया।
ऐसे में यह साफ हो गया है कि वह यूपी में जोरदार एंट्री करेंगे। पार्टी के कई नेता भी दबी जुबान में मान रहे हैं कि यही वजह है कि मुरली मनोहर जोशी अब लखनऊ का रुख करना चाहते हैं।
लखनऊ की तमाम राजनीतिक हलचल...पता है ये