आतंकी अफजल उस्मानी की बहराइच से गिरफ्तारी ने यूपी से जुड़ी नेपाल सीमा की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
आठ नवंबर को होने वाली नरेंद्र मोदी की रैली को लेकर चाक-चौबंद इंतजामों का दावा तो किया जा रहा है, लेकिन नेपाल की खुली सीमा से दिक्कतें थमती नजर नहीं आ रहीं।
इसी सीमा पर पहले आईएसआई एजेंट मशरूर पकड़ा गया था। इसके बाद, जेकेएलएफ के तीन आतंकी एसएसबी के हत्थे चढ़े थे। अब बिहार में सख्ती के बाद आतंकी तहसीन अख्तर के भी नेपाल भागने की संभावना जताई जा रही है।
पढ़ें-पटना विस्फोट के पीछे भी यही दो आतंकी
जिसके चलते बहराइच और श्रावस्ती से सटी नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। तहसीन अख्तर का ब्यौरा सीमावर्ती थानों में भेजकर उस पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बहराइच से नेपाल की 100 किलोमीटर की सीमा लगती है। 60 किलोमीटर की सीमा जंगल और नदी से जुड़ा है। इंडो-नेपाल सीमा पर कइ जगह अतिक्रमण है, जिसके चलते गांव बसे हुए हैं।
पढ़ें- रैली स्थलों पर पहले से तैनात होंगे सुरक्षाकर्मी
इसका फायदा भारतीय सीमा में आने जाने वाले अराजक तत्व उठाते हैं। पाकिस्तान का आईएसआई एजेंट मशरूर उर्फ रमेश चौधरी रुपईडीहा थाना क्षेत्र में पकड़ा गया था।
इसके बाद वर्ष 2013 की शुरुआत में जेकेएलएफ के तीन आतंकी एसएसबी के हत्थे चढ़े थे। यह सभी आत्मसमर्पण करने के लिए जम्मू कश्मीर जा रहे थे।
अभी मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था तभी गुजरात बम ब्लास्ट कामुख्य आरोपी अफजल उस्मानी मुंबई के मकोका कोर्ट से भागकर इंडो-नेपाल सीमा पर पहुंच गया।
आतंकी ने ली थी पनाह
खुफिया सूत्रों की मानें तो अफजल फखरपुर निवासी जावेद उर्फ बटुली के भी संपर्क में था। उसकी सहायता से उसने भारतीय सीमा से सटे नेपालगंज के होलिया गांव विकास समिति के टेपरा गांव में शरण ली थी।
रविवार रात आठ बजे के आसपास अफजल गांव से निकलकर रुपईडीहा बाजार हो आया था। इसी दौरान भनक पाकर पहुंची मुंबई एटीएस की टीम ने अफजल उस्मानी को नेपालगंजरोड रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया।
रातों-रात अफजल और बटुली को हवाई मार्ग से मुंबई पहुंचा दिया गया। खुफिया सूत्रों के अनुसार भारतीय सीमा से सटे नेपाल के कुछ गांवों में अफजल के कई परिचित हैं। इसी परिचय का लाभ उठाकर अफजल नेपाल पहुंचा था। यहां से वह पाकिस्तान भागने की फिराक में था।
नरेंद्र मोदी की बहराइच सभा अति संवेदनशील
खुफिया विभाग ने नरेंद्र मोदी की सभा को लेकर बहराइच को पहले ही अति संवेदनशील घोषित कर दिया है। इस मामले में खुफिया एजेंसियों ने शासन को रिपोर्ट भी भेजी है।
इसके बाद अफजल की गिरफ्तारी ने कई सवाल सामने ला दिए हैं, जिनके जवाब के लिए पुलिस अधिकारी किनारा कस रहे हैं। खुफिया सूत्रों के अनुसार खुली सीमा का लाभ उठाकर अराजक तत्व कभी भी घुसपैठ कर सकते हैं।
हालांकि, पुलिस अधीक्षक मोहित गुप्ता सीमा पर चाक-चौबंद व्यवस्थाओं का दावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी की सभा की चौकसी और बढ़ा दी गई है। रात में भी प्रस्तावित सभास्थल पर गश्त हो रही है।
लखनऊ की और खबरों के लिए यहां आएं...