दुष्कर्म मामले में जेल में बंद आसाराम के बेटे नारायण साईं के दर्जनों समर्थकों ने मंगलवार शाम अमर उजाला कार्यालय पर हमला किया। तोड़फोड़ और मारपीट कर रहे इन लोगों के खिलाफ जब कर्मचारी एकजुट हुए तो अन्य भाग निकले लेकिन दो पकड़े गए। इन्हें सिकंदरा थाने की पुलिस के सुपुर्द किया गया।
नारायण साईं समर्थक अमर उजाला में दस दिन पहले छपी पर खबर पर प्रतिक्रिया जताने आए थे। बड़ी संख्या में लोगों को देख जब गार्ड ने रोका तो उनसे हाथापाई करते हुए सभी स्वागत कक्ष तक आ गए।
मुख्य उप संपादक चंद्र मोहन शर्मा ने उनसे मुलाकात की। आगंतुकों के उग्र तेवर के बावजूद उन्होंने पूरे संयम से उनकी बात सुनी। जब उन्होंने समझाने की कोशिश की इस खबर में आपत्तिजनक कोई तथ्य नहीं है।
यह पूरी तरह नारायण साईं के खिलाफ उनकी पत्नी जानकी हरपलानी द्वारा इंदौर के खजराना थाने में दी गई शिकायत पर आधारित है।
इसमें वही लिखा गया गया है जो जानकी ने पुलिस से कहा। इतना सुनते ही उन्होंने गाली-गलौज के साथ शर्मा के साथ हाथापाई शुरू कर दी।
उन्हें घिरा देख टेलीफोन आपरेटर राजेंद्र बीचबचाव को आए तो उनके साथ मारपीट शुरू हो गई। इसी बीच एक समर्थक ने चंद्रमोहन शर्मा का गला दबाने की कोशिश की।
शोर सुनकर जुटे अन्य लोगों ने किसी तरह शर्मा व राजेंद्र को छुड़ाया। नारायण साईं समर्थंकों की गालियां बंद न होते देख अमर उजाला कर्मियों ने दौड़ाया तो धमकियां देते वे भाग निकले।
इनमें से दो को पकड़ा जा सका। इसके बाद दी गई सूचना पर सिकंदरा थाने से आई पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई। समाचार दिए जाने तक इस मामले की रिपोर्ट लिखी जा रही थी।