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जिस अंग में होगी परेशानी, उसी पर असर करेगी ये दवा!

Thu, 11 Dec 2014 11:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहबाद
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भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) में चल रहे विज्ञान समागम में भाग लेने आए नोबेल विज्ञानी प्रो. राबर्ट कर्ल ने प्रतिभागियों को नैनो मेडिसिन की उपयोगिता के बारे में बताया। बुधवार को उन्होंने बताया कि नैनो मेडिसिन शरीर के जिस हिस्से में परेशानी होगी, उसी पर असर करेगी। नैनो मेडिसिन शीघ्र ही भारतीय बाजार में आ रही है।
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उन्होंने छात्रों को बताया कि बाजार में मिलने वाले इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को नैनो तकनीक के जरिए आकार में छोटा किया जा सकेगा। नोबेल वैज्ञानिक ने बताया कि नैनो पार्टिकल के जरिए तैयार होने वाली नैनो मेडिसिन से अब बड़े टैबलेट और कैप्सूल खाने की जरूरत नहीं है।

यह भारी भरकम कैप्सूल शरीर के जिस भाग में दर्द होता है उसे ठीक करने के साथ अन्य अंगों को भी प्रभावित करते हैं, जिससे साइड इफेक्ट का खतरा होता है। अब नैनो तकनीक के जरिए तैयार होने वाली नैनो मेडिसिन शरीर के उसी हिस्से को प्रभावित करेगी, जहां तकलीफ होगी।
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जल्द ही आएगी भारत में नैनोमेडिसिन

दूसरे अंगों का बचाव भी करेगी। नैनो मेडिसिन पर भारत में भी काम हो रहा है। अन्य देशों में इससे जुड़ी दवा बाजार में आने की तैयारी है। प्रो. कर्ल ने बताया कि नैनो पार्टिकल के जरिए वैज्ञानिक कंप्यूटर, लैपटाप, मोबाइल सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को आकार में छोटा करने में सफलता पा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि इससे इन गैजेट्स को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में आसानी होगी। उन्होंने नैनो प्रौद्योगिकी के जरिए पानी को साफ करने की तकनीक छात्रों को बताई। प्रो. कर्ल ने बताया कि नैनो तकनीक के जरिए चिकित्सा जगत में प्रयोग में आने वाले उपकरणों को उन्नत किया जा सकता है।

प्रश्नोत्तर काल में ट्यूरिंग एवार्डी प्रो. जोसेफ सिफाकिस ने छात्रों को कंप्यूटर के प्रयोग से सामाजिक उत्थान की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को कृत्रिम तथा स्वाभाविक प्रज्ञान का अंतर समझाया। सत्र का संचालन प्रो. सुदीप सान्याल ने किया।
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