भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) में चल रहे विज्ञान समागम में भाग लेने आए नोबेल विज्ञानी प्रो. राबर्ट कर्ल ने प्रतिभागियों को नैनो मेडिसिन की उपयोगिता के बारे में बताया। बुधवार को उन्होंने बताया कि नैनो मेडिसिन शरीर के जिस हिस्से में परेशानी होगी, उसी पर असर करेगी। नैनो मेडिसिन शीघ्र ही भारतीय बाजार में आ रही है।
उन्होंने छात्रों को बताया कि बाजार में मिलने वाले इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को नैनो तकनीक के जरिए आकार में छोटा किया जा सकेगा। नोबेल वैज्ञानिक ने बताया कि नैनो पार्टिकल के जरिए तैयार होने वाली नैनो मेडिसिन से अब बड़े टैबलेट और कैप्सूल खाने की जरूरत नहीं है।
यह भारी भरकम कैप्सूल शरीर के जिस भाग में दर्द होता है उसे ठीक करने के साथ अन्य अंगों को भी प्रभावित करते हैं, जिससे साइड इफेक्ट का खतरा होता है। अब नैनो तकनीक के जरिए तैयार होने वाली नैनो मेडिसिन शरीर के उसी हिस्से को प्रभावित करेगी, जहां तकलीफ होगी।