आखिरकार शनिवार को अभिनेत्री नगमा ने नामांकन दाखिल कर दिया है।
कांग्रेस प्रत्याशी नगमा शुक्रवार को हाईवोल्टेज ड्रामे के बीच नामांकन दाखिल करने गईं थीं, लेकिन उन्हें बैरंग लौटना पड़ा था।
करीब 40 मिनट तक नगमा का पर्चों का सेट नहीं आ पाया तो सहायक निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें बैरंग लौटा दिया।
इस दौरान वहां प्रशासनिक अधिकारियों ओर कांग्रेसियों के बीच झड़प भी हो गई थी। नगमा ने कहा कि यह सब राज्य सरकार के दवाब में हुआ है। राज्य सरकार नहीं चाहती है कि उनका नामांकन हो।
रहा आरोप-प्रत्यारोप का बाजार गर्म
शुक्रवार को जो कुछ भी हुआ उस पूरे आरोप-प्रत्यारोप का मामला भी गर्म रहा। एक तरफ कांग्रेसी अपनी जिद पर अड़े थे, वहीं प्रशासन अपनी बात पर।
नगमा और बाकी कांग्रेसी नेताओं ने पर्चा न भरे जाने का जिम्मेदार प्रशासन को बताया। उन्होंने प्रशासन लापरवाही का आरोप लगाया, वहीं प्रशासनिक अफसर इसे कांग्रेसियों की गलती और साजिश करार दे रहे थे।
नगमा समर्थकों के साथ शुक्रवार दोपहर 2.15 बजे नामांकन करने पहुंचीं थी।
जबरन अंदर घुसे दर्जन भर कांग्रेसी
शुक्रवार को जब नगमा पर्चा भरने गईं थीं तब, अफसरों ने नियमानुसार प्रत्याशी के साथ चार लोगों को ही अंदर जाने की बात कहकर रोकने की कोशिश की।
इसके बावजूद एक दर्जन से ज्यादा कांग्रेसी और रालोद नेता अंदर घुस गए। आखिरकार फोर्स को हल्का बल प्रयोग करते हुए भीड़ को हटाना पड़ा।
जब सहायक निर्वाचन अधिकारी मुरलीधर मिश्र ने नगमा से पर्चा मांगा तो उन्होंने कहा कि महानगर अध्यक्ष सलीम भारती लेकर आ रहे हैं।
इसी बीच, बाहर सलीम भारती को देखने गए पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा गुस्से से भीतर आए और बोले, भारती को पुलिस पीटते हुए उठाकर ले गई है।
और मामले ने पकड़ लिया तूल
इसके बाद माहौल और गर्म हो गया। भीतर और बाहर कांग्रेसी भड़क गए। काफी देर तक भारती नहीं आए तो कई कांग्रेसी उन्हें देखने बाहर गए।
जब वे फिर भीतर घुसने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इससे गुस्साए विधायक गजराज सिंह और जिलाध्यक्ष आफाक खान निर्वाचन कार्यालय के बाहर हंगामा करते हुए धरने पर बैठ गए।
किसी तरह पुलिस ने स्थिति को काबू में किया, लेकिन तब तक तीन बज चुके थे। इस पर सहायक निर्वाचन अधिकारी ने समय समाप्त होने पर नगमा को वापस भेज दिया।
कांग्रेसियों ने आरोप लगाया महानगर अध्यक्ष के पास पर्चा था लेकिन पुलिस ने उन्हें बाहर ही रोक दिया था।
'हो सकता है प्रचार पाने का तरीका'
अपर जिलाधिकारी नगर एसके दुबे ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों पर लग रहे आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं।
सलीम भारती को हमने भीतर जाने के लिए कहा था, लेकिन वह खुद ही पता नहीं कहां चले गए, उसके बाद उन्हें फोन मिलाया तो कहा कि बस आ रहा हूं लेकिन नहीं आए।
यह सब कांग्रेस का प्रचार पाने का तरीका हो सकता है।