हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी राजधानी के नाले अतिक्रमण से मुक्त नहीं हो सके हैं। हाईकोर्ट ने नालों की सफाई करवा मुख्य सचिव को 10 दिन में शपथपत्र देने का आदेश दिया था। पर आदेश के बाद भी नगर निगम नालों से अवैध कब्जे पूरी तरह नहीं हटा सकता है।
इसे देखते हुए निगम ने मंगलवार को होने वाली सुनवाई में हाईकोर्ट से समय मांगने की तैयारी की है।वहीं,सोमवार को भी अतिक्रमण हटाओ अभियान चला। इसके साथ ही देर शाम तक नगर निगम अधिकारियों की बैठक चली।
इसमें हाईकोर्ट में नाला सफाई को लेकर अपना पक्ष रखने को लेकर चर्चा की गई। बैठक में नगर आयुक्त ने सभी जोनल अधिकारियों से उनके यहां नालों की सफाई और अतिक्रमण हटवाने के लिए कार्रवाई का ब्यौरा जुटाया।
इसमें अब तक हुए कुल एफआईआर और नोटिस की जानकारी भी अधिकारियों से ली गई। निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि निगम हाईकोर्ट में अपना जबाव मुख्य सचिव के माध्यम से रखेगा।
इसमें अब तक हुई कार्रवाई के अलावा जियामऊ में नाले के ऊपर चले अभियान के बारे में जानकारी दी जाएगी। कार्रवाई के फोटो भी हाईकोर्ट के सामने रखी जाएगी और दूसरे नालों को अतिक्रमण मुक्त बनाने और उनकी सफाई कराने के लिए समय मांगा जाएगा।