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दशकों से जमे किराएदार से अप्रैल से वसूला जाएगा बढ़ा किराया

Fri, 17 Feb 2017 12:37 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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डेमो - फोटो : demo pic
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दशकों से नगर निगम के दुकान और मकानों का उपयोग करने वालों को अप्रैल से ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी। क्योंकि अभी तक 20 से 30 रुपये किराया देने वालों से नगर निगम अब पांच गुना से अधिक किराया वसूलेगा।
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नई नियमावली के तहत निगम ने संपत्तियों का कम से कम पांच सौ रुपये न्यूनतम रेंट निर्धारित किया है। अभी निगम की 70 लाख रुपये की सालाना आमदनी नई नियमावली से करीब तीन करोड़ रुपये पहुंच जाएगी।

इस संबंध में तीन महीने पहले सदन की बैठक में चर्चा हो चुकी है। उससे पहले किराया तय करने को लेकर बनी कमेटी की चर्चा के समय निगम संपत्तियों पर अवैध कब्जे चिह्नित कर कार्रवाई का प्रस्ताव पास किया गया था।  
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नगर निगम की शहर में करीब ढाई हजार आवासीय व कामर्शियल संपत्तियां हैं। इनसे निगम को नाम मात्र का किराया मिलता है, जबकि ज्यादातर संपत्तियां प्राइम लोकेशन पर हैं। इनका किराया 100 रुपये के भीतर है।

अभी सिर्फ उन्हीं संपत्तियों का किराया हजार रुपये महीना है जिनका कई बार म्यूटेशन हुआ है। शर्तों के तहत नामांतरण पर किराया बढ़ाया जाता है, लेकिन ऐसी संपत्तियों की तादाद 100 से ज्यादा नहीं है। 

आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों के गृहकर निर्धारण से किराया तय होगा। 2001 में स्वकर प्रणाली लागू होने के बाद गृहकर निर्धारण (आवासीय) के लिए हर क्षेत्र के विकास के आधार पर दरें तय की गई हैं। ये 50 पैसे से लेकर 2.50 रुपये तक हैं।

कामर्शियल संपत्तियों के निर्धारण की दरें तब तय नहीं थीं लेकिन नियमावली 2013 में आ गई और 2014 से लागू है। अब किराया निर्धारण व्यावसायिक गृहकर निर्धारण की नई नियमावली (उत्तर प्रदेश नगर निगम (संपत्ति कर) (द्वितीय संशोधन) नियमावली-2013 ) के तहत किया जाएगा।
 

 
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यह है ‌न‌ियमावली

डेमो - फोटो : demo pic
यह है स्थिति 
अमीनाबाद में आठ गुणा दस की दुकान का किराया महज 35 से 40 रुपये ।
महानगर में 1100 वर्ग फीट मकान का किराया अभी महज 95 रुपये है। 

नई नियमावली (उत्तर प्रदेश नगर निगम (संपत्ति कर) (द्वितीय संशोधन) नियमावली-2013 ) के तहत व्यावसायिक संपत्ति का गृहकर निर्धारण करने के लिए आवासीय दराें का ही प्रयोग किया जाएगा लेकिन संपत्ति के उपयोग के आधार पर उसे उतने गुना कर दिया जाएगा। नियमावली में दुकानों का किराया आवासीय का पांच गुना होगा। यानि दुकान का पहले आवासीय टैक्स लिया निकाला जाएगा, फिर उसे पांच गुना कर दिया जाएगा।

यहां हैं संपत्तियां
रिवर बैंक कालोनी,महानगर व महानगर विस्तार, चारबाग गुरुनानक मार्केट, बादशाह नगर, बालाकदर रोड, न्यू तुलसीदास मार्ग, कैसरबाग, नया बाजार लालबाग, गड़बड़झाला अमीनाबाद, मोहन मार्केट व भोपाल हाउस             

‘नगर निगम सदन में अप्रैल से नई दरों से किराया लेने का प्रस्ताव पास हुआ है। उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी। अभी आचार संहिता के चलते इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। आचार संहिता समाप्त होने के बाद सदन के निर्णय के तहत काम किया जाएगा।’ -पीके श्रीवास्तव, अपर नगर आयुक्त
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