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शोध छात्र को अस्थमा का अटैक, एलयू की डिस्पेंसरी में नहीं मिला प्राथमिक इलाज, मौत

Fri, 17 Feb 2017 12:36 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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अभ‌िषेक ( फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
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लखनऊ विश्वविद्यालय में अंग्रेजी विभाग के शोध छात्र की मंगलवार को अस्थमा का अटैक पड़ने से मौत हो गई। हालत बिगड़ने पर छात्र को प्राथमिक उपचार मुहैया कराने के लिए विवि की डिस्पेंसरी से संपर्क किया गया, लेकिन डॉक्टर्स ने हाथ खड़े कर दिए।
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इसके बाद छात्र को स्वामी विवेकानंद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। विवि के बीरबल साहनी छात्रावास के कमरा नंबर-60 में रहने वाला छात्र अभिषेक शुक्ला अंग्रेजी विभाग में द्वितीय वर्ष का शोधार्थी था।

अभिषेक डॉ. एसएम मिर्जा के गाइडेंस में शोधकार्य कर रहा था। उसके साथियों ने बताया कि छात्र अस्थमा से पीड़ित था। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे छात्र को अचानक अस्थमा का अटैक पड़ा।
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प्रोवोस्ट ने डिस्पेंसरी में इसकी सूचना दी। डिस्पेंसरी से डॉक्टर छात्र को देखने आए लेकिन उनके पास ऑक्सीजन या प्राथमिक उपचार देने की व्यवस्था ही नहीं थी। छात्रों और प्रोवोस्ट ने स्टूडेंट्स को आईटी स्थित स्वामी विवेकानंद अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

छात्र सीतापुर के महमूदाबाद का रहने वाला था। उसकी बहन विवेकानंद अस्पताल में ही नर्सिंग की ट्रेनिंग कर रही हैं। शाम तक घरवाले अपने बेटे का शव लेकर गांव रवाना हो गए।
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नहीं आई एंबुलेंस, जीप से भेजा गया छात्र

डेमो - फोटो : demo
एलयू में लाखों रुपये खर्च करके खरीदी गई एंबुलेंस मंगलवार को बेकार ही साबित हुई। अस्थमा का अटैक पड़ने की वजह से छात्र को ऑक्सीजन की जरूरत थी। फोन-फोन पर फोन होते रहे लेकिन, पता चला कि एंबुलेंस का ड्राइवर ही नहीं है।

इसलिए एंबुलेंस नहीं आ सकती। आखिर में छात्र को जीप से अस्पताल पहुंचाया गया। जीप में ऑक्सीजन की व्यवस्था न होने की वजह से आखिर में छात्र की मौत हो गई।

शोधार्थी अभिषेक के साथियों ने बताया कि एक महीने पहले भी छात्र को अस्थमा का अटैक पड़ा था। इसके बाद उस समय ऑक्सीजन की व्यवस्था हो गई थी। विवि की डिस्पेंसरी में सालाना करोड़ों के बजट के बावजूद ऑक्सीजन जैसी साधारण व्यवस्था तक नहीं हो सकी।

डिस्पेंसरी की व्यवस्था के लिए हर छात्र से 250 रुपये सालाना लिए जाते हैं। इसके बावजूद डिस्पेंसरी की व्यवस्था बेहद खराब रहती है। वहीं, हर बार की तरह इस बार भी मौके पर एंबुलेंस नहीं आई।

इससे छात्र को ऑक्सीजन नहीं मिल सकी और उसकी जान बचाना मुश्किल हो गया। घटना के बाद विवि के कुलपति प्रो. एसपी सिंह, प्रॉक्टर प्रो. विनोद सिंह, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. राजकुमार सिंह समेत कई शिक्षक अस्पताल पहुंचे।

लखनऊ विवि में बुधवार को छात्र को श्रद्धांजलि देने के लिए शोक सभा होगी। कुलपति प्रो. एसपी सिंह ने कहा कि छात्र की मौत होना दुखद है। छात्र की याद में बुधवार को शोकसभी की जाएगी। अंग्रेजी विभाग के छात्र की मौत के बाद विभाग के साथ ही पूरे विवि में शोक की लहर दौड़ गई।

‘जैसे ही छात्र की हालत खराब हुई उसे अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। एंबुलेंस आने में देर हो रही थी। इसलिए जीप से ही छात्र को अस्पताल ले जाया गया। छात्र को बचाने की हर मुमकिन कोशिश की गई, लेकिन निराशा हाथ लगी। हमें उसकी मौत का बेहद दुख है।’ - प्रो. विनोद सिंह प्रॉक्टर, लविवि
 
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