लखनऊ। नगर निगम के संपूर्ण समाधान दिवस में शुक्रवार को उस वक्त माहौल भावुक हो गया, जब लालकुआं निवासी प्रेमा जायसवाल अपनी समस्या सुनाते हुए फूट-फूट कर रो पड़ीं। उन्होंने नगर आयुक्त गौरव कुमार और महापौर सुषमा खर्कवाल से कहा कि उनका पानी कनेक्शन महीनों से बंद है। कई बार शिकायत की, लेकिन समाधान नहीं हुआ। जब जलकल विभाग पहुंचीं, तो वहां से ठेकेदार गड्डू के पास भेज दिया गया, जिसने कनेक्शन चालू करने के लिए 22 हजार रुपये की मांग की।
प्रेमा ने रोते हुए कहा, हम गरीब हैं, इतने पैसे कहां से लाएं? सरकार हर घर नल योजना चला रही है, लेकिन हमारे घर बूंद भी नहीं आ रही। उन्होंने अधिकारियों को लिखित शिकायत दी, जिसमें कहा कि बिना किसी एस्टीमेट के ठेकेदार ने 22 हजार रुपये मांगे हैं। नगर आयुक्त ने तत्काल मामले की जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया।
वहीं बुद्धेश्वर के रामचंद्र चौरसिया ने सड़क पर गोबर पाटने और नालियां जाम होने की शिकायत की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अब भी समाधान नहीं हुआ तो इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगूंगा। इसके बाद नगर आयुक्त ने तुरंत टीम भेजकर सफाई कराने के निर्देश दिए और कुछ ही घंटों में मौके पर सफाई भी कर दी गई।
गृहकर से जुड़ी 107 शिकायतें, महापौर ने कहा— निस्तारण हो चुका
समाधान दिवस में कुल 129 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें 107 गृहकर से संबंधित थीं। महापौर सुषमा खर्कवाल ने बताया कि सभी गृहकर मामलों का निस्तारण कर दिया गया है। जलकल विभाग की 18 शिकायतों में से छह का मौके पर समाधान किया गया। सफाई, अतिक्रमण और सीवर से जुड़ी शिकायतों पर भी संबंधित जोनों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
पूरा टैक्स जमा और भेजा दिया 40 हजार का बिल
राजाजीपुरम की बुजुर्ग सुमनलता चौरसिया ने बताया कि उनके छोटे से घर (540 वर्गफुट) और दुकान पर पहले 768 रुपये सालाना टैक्स आता था। पूरा टैक्स जमा है, फिर भी इस बार उन्हें 40 हजार रुपये का बकाया बिल थमा दिया गया है। उन्होंने कहा कि अधिकारी कहते हैं कि जीआईएस सर्वे में गड़बड़ी हुई है। नगर निगम ने जांच का आश्वासन दिया है।
दस साल से नहीं आ रहा पानी
ठाकुरगंज के प्रेम चंद्रा ने बताया कि 2015 में इलाके में सीवर लाइन बिछाई गई थी, उसी दौरान पानी की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। अब तक नई लाइन नहीं डाली गई, जिससे करीब नौ घरों में पानी की भारी किल्लत है। सीवर भी बार-बार चोक होता है। अधिकारियों ने जल्द सुधार का आश्वासन दिया।