बाबरी मस्जिद मामले के पक्षकार इकबाल अंसारी का कहना है कि अयोध्या में बार-बार भीड़ जुटाने से क्या फायदा होगा। अयोध्या मामला सुप्रीम कोर्ट में हैं, अदालत जो निर्णय देगी मानेंगे। ऐसे में कूूच, सभा से कुछ नहीं होने वाला है। अयोध्या की कौम की सुरक्षा व शांति व्यवस्था कायम रखने की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की है। धर्मसभा के दौरान प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्था से हम संतुष्ट हैं।
बंद होनी चाहिए अयोध्या को अशांत करने की कोशिशें
बाबरी मस्जिद मामले के पक्षकार हाजी महबूब का कहना है कि अयोध्या को बार-बार अशांत करने की कोशिश अब बंद होनी चाहिए। मामला कोर्ट में है, निर्णय का इंतजार करे। कभी कोई अनशन करता है। तो कभी सभा होती है। अब सुनाई पड़ रहा है कि अखाड़ा परिषद के नागा साधु अयोध्या कूच करने जा रहे हैं। कहा कि अयोध्या मामले में सभी अपनी-अपनी रोटी सेंकने के लिए तरह-तरह के प्रयास कर रहे हैं, जिस पर रोक लगाने की आवश्यकता है।
विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने कहा कि विहिप संतों के निर्देशानुसार कुछ करती है, अब कूच का क्या मतलब जब धर्मसभा में संतों ने राममंदिर के लिए धर्मादेश कर ही दिया है। कहा कि राम के प्रति सभी की अपनी अलग-अलग अभिव्यक्ति है। नागा साधु भी अपनी अभिव्यक्ति लेकर आ रहे होंगे। 09 दिसंबर को दिल्ली में विराट धर्मसभा फिर होनी जा रही है, जो राममंदिर के लिए जनजागरण करेगी।
अखाड़ा परिषद से जुड़े हिंदू पक्षकार महंत धर्मदास का कहना है कि विराजमान रामलला की मूर्ति को लेकर पहला केस हमारे गुरु महंत अभिरामदास जी ने किया था। अब लोग अलग-अलग ट्रस्ट बनाकर अधिर्गहित परिसर की भूमि सरकार से लेने के लिए दबाव बना रहे हैं। नागा साधु इसे लेकर खामोश नहीं रहेगा। हम डीएम से 4 दिसंबर को अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरिगिरि के साथ दर्शन-पूजन की फिर 5 दिसंबर को नागा साधुओं के लिए कार्यक्रम की मंजूरी मांगेंगे, मंजूरी मिलेगी तभी कार्यक्रम करेंगे। कहा कि हमारा उद्देश्य राममंदिर के लिए कोई बवाल नहीं करना है, बल्कि सही तथ्य रखना है कि राष्ट्रपति मामले के जल्द सुनवाई को लेकर बेंच बनाने का निर्देश दें। नियमित सुनवाई शुरू होने से हमारे व मुस्लिम पक्षकारों के बीच सुलह-समझौते का मामला भी कोर्ट में आ सकता है और राममंदिर निर्माण की अड़चनें दूर होंगी। मामले की जल्द सुनवाई के लिए राष्ट्रपति के साथ ही प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष आदि को भी पत्र लिखा गया है, लेकिन कहीं से जवाब नहीं आया है।
निर्मोही अखाड़ा के पक्षकार महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि ये सब जो आयोजन हो रहे हैं वह सब राजनीति से प्रेरित हैं। इन सब आयोजन से अयोध्या मामले में कुछ नहीं होने वाला है। अयोध्या मामले का निस्तारण आपसी बातचीत व कोर्ट के निर्णय से ही हो सकता है। इस तरह के आयोजनों पर रोक लगानी चाहिए। सब अयोध्या मामले में राजनीतिक रोटी सेंक रहे हैं। भगवान राम का मंदिर अयोध्या में बने ये करोड़ों हिंदुओं की कामना है, लेकिन संवैधानिक तरीके से समाधान होना जरूरी है।
मुझे नागा-साधुओं के अयोध्या कूच करने की अभी कोई जानकारी नहीं है। अयोध्या की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। शांति व्यवस्था कायम रहे इसके लिए हम हर संभव प्रयास करने को सतत प्रतिबद्ध हैं। - अशोक कुमार, आरएम अयोध्या