बख्शी का तालाब। इटौंजा के तुर्की गांव की नवविवाहिता हिमांशी का तीसरे दिन भी पता नहीं चल सका। दहेज हत्या के मामले में नामजद चार आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
पुलिस को जानकारी मिली है कि हिमांशी का पति प्रदीप गौड़ अमरनाथ यात्रा पर गया है। इसकी पुष्टि के लिए अमरनाथ यात्रा प्रबंधन से संपर्क किया जा रहा है। वहीं, मायके पक्ष ने पुलिस पर ढिलाई का आरोप लगाते हुए आरोपियों के घर बुलडोजर चलाने और जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
हिमांशी के पिता पवन कुमार कश्यप का आरोप है कि पुलिस ने दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने के बावजूद मुख्य आरोपियों को नहीं पकड़ा और न ही बेटी का पता लगा सकी है। उनका कहना है कि ससुराल पक्ष ने सुनियोजित तरीके से हिमांशी की हत्या कर शव ठिकाने लगा दिया। मंगलवार को मायके पक्ष के लोग इटौंजा थाने पहुंचे और सख्त कार्रवाई की मांग की।
हिमांशी के रिश्तेदार को मिला सुसाइड नोट : पवन कुमार ने बताया कि उनके एक रिश्तेदार के मोबाइल पर शनिवार रात हिमांशी के फोन से एक कथित सुसाइड नोट भेजा गया था। उसमें दहेज के लिए प्रताड़ित करने, भूखा रखने और आत्महत्या करने की बात लिखी थी। परिजनों का आरोप है कि हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए यह मेसेज भेजा गया।
रविवार सुबह फुटेज में दिखी हिमांशी
हिमांशी के एक रिश्तेदार ने बताया कि पड़ोसी के सीसीटीवी कैमरे में रविवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे हिमांशी घर के बाहर कुत्ते को खाना खिलाते हुए दिखाई दी थी। इसके बाद वह नजर नहीं आई। पुलिस को यह भी पता चला है कि घर का सीसीटीवी कैमरा घटना के समय तक चालू था, लेकिन कुछ संदिग्ध गतिविधियां रिकॉर्ड होने के बाद अचानक बंद हो गया।
यह है पूरी घटना
सीतापुर निवासी हिमांशी की शादी 26 फरवरी को बिरपुर अटरिया निवासी अधिवक्ता प्रदीप गौड़ से हुई थी। मौजूदा समय में वे लोग परिवार के साथ इटौंजा के तुर्की गांव में रह रहे हैं। पिता के अनुसार, शनिवार को बेटी ने फोन कर जान बचाने की गुहार लगाई थी। उन्होंने हिमांशी के पति प्रदीप, सास सुनीता, ससुर श्रीराम, ननद प्रीति, राखी, जेठ संदीप कुमार और भांजे शिवा के खिलाफ दहेज हत्या की एफआईआर दर्ज कराई है।
हिमांशी कश्यप।