मुजफ्फरनगर दंगे की जांच के लिए गठित न्यायमूर्ति विष्णु सहाय की अध्यक्षता में गठित आयोग ने सोमवार से अपनी जांच शुरू कर दी।
आयोग के अध्यक्ष ने मुजफ्फरनगर के कवाल व मलिकपुरा गांव में जाकर मृतकों के परिवार के सदस्यों से वार्ता के दौरान यह आश्वासन दिया कि सबको न्याय मिलेगा और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।
ग्रामीणों से मुलाकात के समय न्यायमूर्ति सहाय ने कहा कि अगर किसी भी व्यक्ति को दंगे के संबंध में कोई जानकारी है तो वह निडर होकर आयोग के मुजफ्फरनगर, कुकड़ा मंडी में निरीक्षण भवन स्थित कैंप कार्यालय में आ सकता है।
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कैंप कार्यालय में शपथ पत्र के जरिए सूचना दी जा सकती है। उन्होंने लोगों से कहा कि उन्हें किसी तरह का संशय करने की जरूरत नहीं है। आयोग निष्पक्षता के साथ अपनी जांच करेगा और दोषियों को सजा जरूर मिलेगी।
आयोग के अध्यक्ष ने यहां कहा कि जांच चार बिंदुओं-दंगे का कारण, सरकारी अधिकारियों द्वारा दंगे के समय की गई कार्रवाई, भविष्य में दंगा रोकने के उपाय और इसके जिम्मेदार कौन हैं, पर केंद्रित होगी।
आयोग ने जिस जगह पर सात सितंबर को पंचायत आयोजित हुई थी, वहां का भी निरीक्षण किया। इसके बाद जौली नहर पटरी का निरीक्षण किया और फिर पुरबालियान और बसधाड़ा जाकर लोगों से मुलाकात कर दंगे के सिलसिले में पूछताछ की।
आयोग ने इसके बाद बुढ़ाना तहसील के शाहपुर कस्बे में चल रहे राहत शिविर व बसी कलां व शाहपुर कस्बे में जाकर दंगा प्रभावितों से संपर्क किया और राहत सामग्री की उपलब्धता के बारे में जानकारी हासिल की।
आयोग के भ्रमण के दौरान मुजफ्फरनगर के अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, एसडीएम व तहसीलदार आदि मौजूद थे।