बेटे को जन्म देने वाली महिला मैनाज का कहना था कि उसने प्रधानमंत्री की नीतियों से प्रभावित होकर अपने बेटे का नाम प्रधानमंत्री के नाम पर रखा है। महिला ने यह भी दावा किया था कि उसका बेटा 23 मई को मतगणना के दिन पैदा हुआ है। नवजात के जन्म पर महिला के इस दावे की पड़ताल हुई तो बेहद चौंकाने वाला तथ्य सामने आया।
इस सच्चाई के मुताबिक मैनाज के बेटे का जन्म 23 मई को नहीं बल्कि 12 मई को 12.59 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वजीरगंज मे हुआ था। वजीरगंज सीएचसी पर कार्यरत डॉ भावना के मुताबिक 12 मई को वह ड्यूटी पर थी जब मैनाज बेगम पत्नी मुस्ताक प्रसव के लिए केंद्र पर भर्ती हुई थी। दोपहर 12.59 बजे मैनाज ने बेटे को जन्म दिया था। जन्म के समय जच्चा बच्चा दोनो पूरी तरह से स्वस्थ थे। यह पूरी सच्चाई स्वास्थ्य केंद्र के अभिलेखों मे दर्ज है।
इस सच्चाई का खुलासा होने के बाद प्रधानमंत्री के नाम पर अपने बेटे का नाम नरेंद्र दामोदर दास मोदी रखने का दावा करने वाली मुस्लिम महिला मैनाज ने भी यू टर्न ले लिया है। मैनाज ने कहा कि समाज उनपर दबाव बना रहा है कि बेटे का नाम नरेंद्र मोदी रखने पर भविष्य मे उसके सामने कठिनाई आएगी। इस पर उसने अपने बेटे का नाम अल्ताफ अहमद रखने का फैसला किया है।हालांकि मैनाज का कहना है कि वह बेटे का नाम मोहम्मद मोदी भी रखेगी।
23 मई को बेटे का जन्म बताकर व उसका नाम देश के प्रधानमंत्री के नाम पर नरेंद्र दामोदर दास मोदी रखने का दावा कर मैनाज ने खूब सुर्खियां बटोरी थी। वजीरगंज थाना क्षेत्र के परसपुर महडौर की रहने वाली मुस्लिम महिला की इस पहल को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने हाथों हाथ लिया था और इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।