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यहां मुसलमान बनते हैं राम-सीता, छोड़ा नॉनवेज

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जाति-धर्म का बंधन तोड़कर मुमताजनगर ग्रामसभा के हिंदू-मुस्लिम आपसी एकता और भाईचारे की मिसाल पेश कर रहे हैं। स्थानीय रामलीला में मुस्लिम वर्ग के तमाम लोग न सिर्फ विभिन्न पात्रों का किरदार अदा कर रहे हैं बल्कि इनमें से कई ने तो मांसाहार तक त्याग दिया है।
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51 बरस से आयोजित हो रही इस रामलीला की प्रबंध समिति के मुखिया भी मुस्लिम हैं।समिति के मेला प्रबंधक सैयद साजिद अली हैं। 35 वर्ष से अध्यक्ष की भूमिका का निर्वहन डॉ. माजिद अली निभा रहे हैं।

इससे पहले इनके पिता स्व. डॉ. वाजिद अली ये जिम्मेदारी उठा रहे थे। इन दिनों चल रहे मंचन में रावण के मंत्री का किरदार इकबाल अहमद, लक्ष्मण की पत्नी उर्मिला का शाही नूर और सुषेन वैद्य का रोल अल्लू निभा रहे हैं।
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रामलीला से जुड़ने के बाद नॉनवेज खाना छोड़ा

जुड़वा भाई मो. सैफ व मो. कैफ नील-साधु और सलमान उर्फ नब्बू नारांतक की भूमिका में हैं। एकलाख, नियाज अहमद, शाहिद, नफीस, जाबिर व रियाज भी मंचन में हिस्सा ले रहे हैं। इनमें से कई अभी पढ़ाई कर रहे हैं।

खास बात ये है कि रामलीला मंचन से जुड़े मुस्लिम युवकों ने मांसाहार छोड़ दिया है। सलमान उर्फ नब्बू और मो. शाही नूर का कहना है कि रामदल से जुड़े पात्रों की श्रद्धालु आरती उतारते हैं, इस वजह से हमने उनकी आस्था को देखते हुए मांसाहार त्याग दिया है। कई अन्य मुस्लिम युवकों ने भी इन दिनों मांसाहार छोड़ दिया है।
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