भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह के मुसलमानों से माफी मांगने के बयान पर मुस्लिम समुदाय में जबरदस्त प्रतिक्रिया हुई है।
मुस्लिम धर्मगुरुओं ने उनके बयान को सियासी करार देते हुए कहा कि भाजपा को माफी मिल सकती है, बशर्ते वह नरेंद्र मोदी को पार्टी से निकाल दें।
मौलाना कल्बे जव्वाद का कहना है कि भाजपा एक ओर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के तौर पर पेश कर रही है और दूसरी ओर राजनाथ सिंह माफी मांग रहे हैं।
अगर भाजपा मोदी को पार्टी से निकाल दे तो मुसलमान उन्हें माफ कर देगा।
वहीं मौलाना फजलुर्रहमान वाइजी का कहना है कि भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह आखिर अचानक माफी क्यों मांग रहे हैं और उनकी माफी है किस बात की, मुसलमान समझ नहीं पा रहे हैं।
अगर उन्हें लगता है कि मुसलमानों के साथ गलत किया है तो पहले अपनी नीतियां बदलें।
मौलाना सैफ अब्बास का कहना है कि राजनाथ सिंह के माफी मांगने से मुसलमानों पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला।
भाजपा को अपने मेनीफेस्टो में वक्फ सम्पत्तियों, इमामबाड़ों व मुसलमानों के हित में बनाई जाने वाली नीतियों का जिक्र करना चाहिए।
मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि राजनाथ सिंह किस सिलसिले में माफी मांग रहे हैं, यह साफ होना चाहिए।
क्या वह गुजरात दंगों के सिलसिले में माफी मांग रहे हैं या फिर बाबरी मस्जिद की शहादत के सिलसिले में।