घटनास्थल पर मौजूद एसएसपी कलानिधि नैथानी।
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बदमाशों ने खुद को क्राइम ब्रांच का बताते हुए पिस्टल दिखाकर दीपक को धमकी दी। इसके बाद पूड़ी पैक कराकर चले गए। शाम सात बजे दीपक और पुष्पराज स्कूटी से टिफिन उठाने चले गए। आठ बजे दोनों कैंट थाने के सामने स्थित स्टेट बैंक पहुंचे, तभी बदमाश वहां आ गया।
स्कूटी दीपक चला रहा था। बदमाश ने स्कूटी रुकवाकर फायरिंग शुरू कर दी। तीन में से एक गोली दीपक के दायें कंधे को चीरती निकल गई, दूसरी कमर की दायीं ओर धंस गई। तीसरी गोली पुष्पराज के दायें हाथ पर लगी। बदमाश असलहा लहराते हुए भाग निकला। एसएसपी ने बताया कि हत्यारोपी की पहचान को फुटेज खंगाली जा रही है।
इकलौता बेटा था, सदमे में पत्नी-बच्चे
दीपक के पिता धर्मवीर वर्मा की मौत हो चुकी है। वह इकलौता बेटा था। दो बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है। घर पर पत्नी पूजा, सात साल की बेटी अनुष्का और पांच साल का बेटा दृश्य के अलावा मां है।
उसकी हत्या की खबर मिलते ही कोहराम मच गया। पत्नी और बच्चे सदमे में हैं। मां का रो-रोकर बुरा हाल है। दीपक ही परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था।
जिस जगह पर दीपक ठेला लगाता है, वह सदर इलाके की सबसे व्यस्त जगह है। दिन में अक्सर यहां पैदल चलने की भी जगह नहीं रहती है। सुबह यहां झगड़ा होने के बाद दोपहर को भी दोनों पक्ष में तनातनी हुई। बदमाश पूड़ी विक्रेता को खुलेआम असलहा दिखाकर धमकाते हुए चले गए और पुलिस को भनक तक नहीं लगी।
पुलिस की निष्क्रियता के चलते बदमाश का दुस्साहस इतना बढ़ गया कि देर शाम उसने थाने के सामने ही वारदात कर डाली। इलाकाई लोगों का कहना था कि अगर पुलिस कार्रवाई करती तो नौबत हत्या तक न पहुंचती।