लखनऊ। शंकरपुरवा द्वितीय वार्ड की गायत्रीपुरम कॉलोनी के पार्क में बने जिस एसटीपी के खुले चैंबर में सोमवार शाम आठ साल के रितेश की डूबने से जान चली गई थी, उसे अब बंद करवा दिया गया है। हादसे के बाद भी खुले चैंबर को बंद न करने पर अमर उजाला ने बुधवार को प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी।
पार्षद प्रतिनिधि दीपक तिवारी ने बताया कि एसटीपी के खुले चैंबर को नगर निगम ने पत्थर लगाकर बंद करवा दिया है। यदि यह काम पहले करा देते तो हादसा नहीं होता। बताया कि चौकीदार रखने को लेकर मुख्य अभियंता ने कहा है, लेकिन अभी तक कोई लिखित आदेश नहीं नहीं आया है। वहीं एक स्थानीय निवासी ने बताया कि एसटीपी में अभी किनारे का एक चैंबर खुल है, जिसमें करीब दो महीने पहले छह साल का आर्यन गिर गया था। गनीमत थी उसे उसके पिता ने निकाल निकाल लिया था। जोनल अभियंता अशोक यादव ने बताया कि यदि कोई चैंबर खुला रह गया है तो पता कर उसे ढकवा दिया जाएगा।
खाता खुलने के बाद मृतक बच्चे की मां को मिलेगी सहायता राशि
पार्षद प्रतिनिधि ने बताया कि पीड़ित परिवार के पास यहां का कोई दस्तावेज नहीं है। मृतक बच्चे के पिता का बैंक खाता है, जिसमें सहायता राशि भेजी जा सकती है, लेकिन बच्चे की मां का कहना है कि पति शराब में पैसा उड़ा देगा, ऐसे में पैसा उन्हें (मां) को दिया जाए। अब बच्चे की मां का खाता खुलवाया जा रहा है।
सही नहीं हुई जांच, लौटाई गई रिपोर्ट
अपर नगर आयुक्त ललित कुमार ने बताया कि जोनल अधिकारी आकाश कुमार ने जांच कर रिपोर्ट तो भेजी है, लेकिन वह अधूरी थी। ऐसे में उसे लौटा दिया गया है। निर्देश दिया गया है कि सभी पक्षों को शामिल करते हुए रिपोर्ट बृहस्पतिवार को भेजी जाए। बताया कि रिपोर्ट में मौके पर एसटीपी के पास आना मना है जैसे बोर्ड लगाने, चैंबर के ऊपर लोहे की जाली लगाने सहित कई बिंदुओं का कोई उल्लेख नहीं था। रिपोर्ट में सिर्फ यही लिखा था कि मौके पर रेलिंग बनी है और बच्चा उसे फांदकर अंदर चला गया था।