लखनऊ। नगर निगम मुख्यालय के सामने स्थित झंडी पार्क के पीछे दारुलसफा रोड पर पड़े कूड़े को उठाने को लेकर शुक्रवार को हुई नगर निगम कार्यकारिणी बैठक में जमकर हंगामा हुआ। कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी को लेकर रामकी कंपनी और नगर निगम अधिकारी आमने-सामने आ गए। करीब 15 मिनट तक यह तय नहीं हो पाया कि आखिर सड़क से कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी किसकी है। आखिरकार महापौर ने दोनों पक्षों को मौके पर भेजा, जिसके बाद वहां कूड़ा उठान कराया गया।
बैठक के दौरान सदस्यों ने कंपनी की लापरवाही पर नाराजगी जताई और अमर उजाला में प्रकाशित खबरों का हवाला देते हुए सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए।
रामकी कंपनी डेढ़ साल से नगर निगम के 77 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन और उठान का कार्य कर रही है। इन्हीं वार्डों में जोन-1 का लालबाग क्षेत्र भी है, फिर भी वहां कूड़ा उठान को लेकर विवाद बना हुआ है। महापौर ने सवाल किया कि झंडी पार्क के पीछे दारुलसफा रोड पर अब भी कूड़े का ढेर लगा है, यह अब तक क्यों नहीं उठाया गया? इस पर रामकी कंपनी के प्रतिनिधि ने जवाब दिया कि वह स्थान उनका अधिकृत पड़ाव स्थल नहीं है, इसलिए कूड़ा उठाना उनकी जिम्मेदारी में नहीं आता।
इस पर नगर आयुक्त ने पलटवार करते हुए कहा कि जब कंपनी पूरे जोन से घरों से कूड़ा उठाने और उसे शिवरी प्लांट तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभा रही है, तो यह काम कौन करेगा? इसी मुद्दे पर करीब 15 मिनट तक कड़ी बहस चलती रही। अंततः महापौर ने नगर निगम के जोनल अफसर और रामकी प्रतिनिधि को मौके पर भेजकर सफाई कराई।
रामकी को हटाने की उठी मांग, पार्षदों का हंगामा
बैठक में कई पार्षदों ने रामकी कंपनी की लगातार लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कंपनी न तो कूड़ा उठा पा रही है, न ही सफाई ठीक से कर रही है। दिवाली जैसे महत्वपूर्ण त्योहार पर भी कूड़ा नहीं उठाया गया। अधिकारियों ने बताया कि कंपनी के कर्मचारी छुट्टी पर चले गए थे, जबकि त्योहार के समय अवकाश नहीं होना चाहिए था। नगर निगम ने अपनी व्यवस्था से सफाई कराई। पार्षदों के विरोध को देखते हुए नगर आयुक्त ने कहा कि यदि कार्यकारिणी प्रस्ताव पास कर दे तो रामकी को काम से हटा दिया जाएगा। इस पर पार्षद राजेश सिंह गब्बर ने सुझाव दिया कि पहले कंपनी के अनुबंध का परीक्षण कर लिया जाए।
महापौर बोलीं- कंपनी की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
महापौर सुषमा खर्कवाल ने भी माना कि रामकी कंपनी की लापरवाही से शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि कंपनी के कर्मचारी काम पर नहीं आए, जिससे कूड़ा उठान बाधित हुआ। अफसरों से रिपोर्ट मांगी गई है और अगली कार्यकारिणी बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। कंपनी की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शहर में बिखरा कूड़ा।
शहर में बिखरा कूड़ा।
शहर में बिखरा कूड़ा।
शहर में बिखरा कूड़ा।
शहर में बिखरा कूड़ा।