लखनऊ। नगर निगम ने सड़कों के गड्ढे भरने के लिए 15 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट मंजूर कर लिया है। शुक्रवार को हुई कार्यकारिणी बैठक में इस पर सहमति बन गई। इससे अब इस मद के लिए कुल बजट 25 करोड़ रुपये हो गए हैं।
नगर निगम को सड़कों की मरम्मत के लिए 40 करोड़ रुपये की आवश्यकता है, जबकि मूल बजट में केवल 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। पिछली सदन बैठक में पार्षदों ने अतिरिक्त बजट की मांग की थी। महापौर ने बैठक में बताया कि उन्होंने पहले ही कहा था कि यदि बजट की कमी है, तो व अपने कोटे से 50 लाख रुपये देने को तैयार हैं। पार्षदों के कोटे से भी पांच-पांच लाख रुपये लिए जा सकते हैं। हालांकि, इस पर निगम प्रशासन ने तब कोई पहल नहीं की। अब कार्यकारिणी में 15 करोड़ रुपये बढ़ाने का प्रस्ताव पास कर दिया गया है। महापौर ने कहा कि यदि आगे और बजट की जरूरत पड़ी, तो वह भी उपलब्ध कराया जाएगा।
पार्षद का आरोप- महापौर ने वार्डों में किया पक्षपात
खरिका प्रथम वार्ड के भाजपा पार्षद केएन सिंह ने महापौर पर पक्षपात का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग की निधि से उनके वार्ड को एक पैसा भी नहीं मिला। उन्होंने टूटी सड़कों की तस्वीरें दिखाते हुए सवाल किया कि बिना धन के विकास कार्य कैसे होंगे।पार्षद ने कहा कि वह सरोजनीनगर विधानसभा के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के प्रतिनिधि हैं, जिनके दो वार्डों को 15वें वित्त मद से एक भी काम नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि जब इस बारे में नगर आयुक्त से बात की गई तो महापौर नाराज हो गईं और कहा कि 15वें वित्त मद से किस वार्ड में काम देना है, यह उनका विशेषाधिकार है। इस पर महापौर का कहना है कि काम प्राथमिकता के आधार पर दिए गए हैं। नया बजट आने पर अन्य वार्डों को भी काम दिए जाएंगे।
सीएम ग्रिड योजना में भी भेदभाव का आरोप
पार्षद केएन सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि सीएम ग्रिड योजना में उनके वार्ड के साथ अन्याय हुआ है। उनका कहना है कि योजना के तहत करीब 70 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली एक सड़क पहले पांच वार्डों से जाती थी, लेकिन डिजाइन बदलकर अब उसे सिर्फ हिंद नगर वार्ड तक सीमित कर दिया गया है। पार्षद ने कहा कि यह योजना चौड़ी सड़कों के लिए है, लेकिन अब गलियों में मोड़ दी गई है।इस पर महापौर ने कहा कि आरोप निराधार हैं। योजना में सड़कों का चयन गाइडलाइन के अनुसार किया गया है।
नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक।
नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक।
नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक।