मशहूर शायर मुनव्वर राना ने फ्रांस में हुए आतंकी हमले को सही ठहराया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और फ्रांस ने मुसलमानों पर बड़े जुल्म किए हैं। उन्होंने बेगुनाहों के कत्ल पर कहा कि मजहब मां के जैसा है। अगर कोई व्यक्ति आपकी मां या मजहब का बुरा कार्टून बनाता है या गाली देता है तो गुस्से में ऐसा करना मजबूरी है।
उन्होंने कहा कि मुसलमानों को चिढ़ाने के लिए ऐसा कार्टून बनाया गया है। फ्रांस और अमेरिका जैसे देशों ने मुसलमानों ने बड़े जुल्म किए हैं। दुनिया में हजारों साल से ऑनर किलिंग होती रही है। अखलाक मामले में भी इंसाफ नहीं मिला।
उन्होंने मासूमों के कत्ल को सही ठहराते हुए कहा कि किसी को इतना मजबूर न करो कि वो कत्ल करने पर मजबूर हो जाए।
दरअसल, फ्रांस में पैगंबर मोहम्मद के कार्टून को दिखाने पर इतना बवाल मचेगा, इसका आकलन शायद ही किसी ने लगाया होगा। जिसके बाद से भारत सहित दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में मुस्लिम नेताओं ने फ्रांस में बनी चीजों का बहिष्कार करने की अपील की है।
फ्रांस में नीस शहर के चर्च नॉट्रे-डेम बैसिलिका में एक व्यक्ति ने चाकू से हमला कर दो महिलाओं और एक पुरुष की जान ले ली। दो हफ्ते से भी कम समय में फ्रांस में इस तरह का यह दूसरा हमला है। ऐसा बताया जा रहा है कि चर्च पर हमले के आरोपी ने पहले अल्लाहू अकबर के नारे लगाए थे। मोहम्मद पैगंबर का कार्टून दिखाने वाले टीचर की निर्मम हत्या करने के बाद से फ्रांस में हालात स्थिर नहीं है।
फ्रांस के राष्ट्रपति की इस्लामिक कट्टरपंथियों के आगे ना झुकने की शपथ के बाद से तुर्की और पाकिस्तान के राष्ट्राध्यक्ष अपना फायदा ढूंढ रहे हैं। कुछ मुस्लिम देशों ने फ्रांसीसी सामान का बहिष्कार की अपील की है। पाकिस्तान, ईरान, बांग्लादेश, लीबिया, कुवैत जैसे देशों में फ्रांस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।