मुनव्वर राना ने कहा कि हिंदुस्तान तो जन्नत है। जन्नत न होता तो हमारा तो पूरा खानदान बंटवारे के समय पाकिस्तान चला गया। हम तो नहीं गए हिंदुस्तान से। उन्होंने कहा- मुझे शायर बनाया हिंदुस्तान की मिट्टी ने, मुझे इंसानियत सिखाई हिंदुस्तान की मिट्टी ने, मुझे अजान देना सिखाया हिंदुस्तान की मिट्टी ने। अब लोग कह रहे हैं कि मैं मुल्क छोड़कर पाकिस्तान, बांग्लादेश या अफगानिस्तान चला जाऊं। हिंदुस्तान से मुहब्बत का जो रिश्ता है वो इसलिए भी है कि हम इसे मादर-ए-वतन कहते हैं। ये मेरी मां का मुल्क है।
तोड़-मरोड़कर पेश किया मेरा बयान
मुनव्वर राना ने कहा कि मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। मैंने कहा था कि मोदी जी यदि मेरे साथ एखलाक (कानपुर में धर्मांतरण के नाम पर भीड़ द्वारा पीटा गया रिक्शा चालक) के घर चलें और उसके घरवालों के आंसू पाेंछें तो मैं उनके जूते तक उठाने को तैयार हूं। इस बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया कि मुनव्वर राना मोदी के जूते उठाने को तैयार हैं।