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लविविः कॉमर्स फेकेल्टी बोर्ड की बैठक

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लेबर लॉ और जीएसटी में नहीं पूछे जाएंगे बहुविकल्पीय प्रश्न
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लविवि के कॉमर्स विभाग में फैकल्टी बोर्ड की बैठक में सिलेबस संशोधित करने का फैसला
छठे और पांचवें सेमेस्टर के एक पेपर की हुई अदला बदली
लखनऊ विश्वविद्यालय के कॉमर्स विभाग में स्नातक स्तर पर अब लेबर लॉ और जीएसटी में बहुविकल्पीय प्रश्न नहीं पूछे जाएंगे। इन पेपर्स में बहुविकल्पीय प्रश्नों के कम स्कोप को देखते हुए इनके सिलेबस को संशोधित करने का निर्णय लिया गया। विभाग में छठे सेमेस्टर के एक पेपर पांचवें व पांचवें के पेपर को छठे सेमेस्टर में शिफ्ट कर दिया गया।
यह निर्णय बृहस्पतिवार को डीन कॉमर्स प्रो. सोमेश शुक्ला की अध्यक्षता में हुई फैकल्टी बोर्ड की बैठक में लिया गया। इसमें लेबर लॉ और जीएसटी को छठे सेमेस्टर से हटाकर पांचवें सेमेस्टर में पढ़ाने और इनकम टैक्स और इंश्योरेंस लॉ को पांचवें से हटाकर छठे सेमेस्टर में पढ़ाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि कुछ विषय ऐसे हैं, जिसमें बहुविकल्पीय प्रश्न नहीं बन सकते हैं। छोटे उत्तर तो हो सकते हैं, लेकिन प्रश्न बनाना बहुत मुश्किल है। इसी वजह से यह बदलाव किया गया है।
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सेमेस्टर सिस्टम के कारण बदलाव
विवि प्रशासन ने पिछले साल से ही स्नातक स्तर पर भी सेमेस्टर सिस्टम लागू किया है, जिसमें ऑड सेमेस्टर में विस्तृत प्रश्न और इवेन सेमेस्टर में बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित परीक्षा आयोजित करने का निर्णय हुआ था। इसे देखते हुए ही कॉमर्स विभाग ने यह बदलाव किया है। फैकल्टी बोर्ड के बाद इसे 14 अगस्त को प्रस्तावित एकेडमिक काउंसिल व वहां से पास होने के बाद कार्य परिषद में रखा जाएगा। बैठक में दो शोध छात्रों को अपना शोध टॉपिक बदलने को भी हरी झंडी दी गई। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने पर बधाई दी गई।
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कॉमर्स में 125 ने छोड़ी सीटें
फैकल्टी बोर्ड में जानकारी दी गई कि प्रवेश लेने के बाद लगभग 125 बीकॉम के विद्यार्थियों ने अपनी सीटें छोड़ दी हैं। बोर्ड ने इस पर चिंता जताई। अगर यह सीटें खाली रह गईं तो विभाग को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। विभाग में बीकॉम की लगभग 700 सीटें हैं। इसमें आधे से ज्यादा रेगुलर व बाकी स्ववित्तपोषित मोड में हैं। विभाग ने इसका रास्ता निकालने पर जोर दिया।
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