मुलायम ने कहा, वक्फ की जमीन से कब्जा तत्कालीन जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने हटाया था, पर वर्षों बाद इस मामले में आजम खां और उनके साथियों के खिलाफ लूट व डकैती के मामले दर्ज किए गए। आजम पर करीब 80 मुकदमे और सपा कार्यकर्ताओं पर हजारों मुकदमे दर्ज किए गए हैं। राजनीतिक प्रतिशोध का ऐसा भयावह रूप मैंने कभी नहीं देखा।
आजम खां की 75 वर्षीय बूढ़ी बहन तक को पुलिस पकड़कर ले गई। इससे उनकी हालत बिगड़ गई। वे अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही हैं। आजम खां के चरित्र हनन की कोशिश की जा रही है, क्योंकि उनका पूरा जीवन सादगी और ईमानदारी का प्रतीक है।
आज हमें सिर्फ मीडिया का ही सहारा
मुलायम ने आजम के मामले में मीडिया से सहयोग मांगते हुए कहा, जब मुझे साढ़े तीन साल तक जेल में रखा गया, तब भी मीडिया ने काफी साथ दिया था। आज मीडिया के अलावा हमें किसी का सहारा नहीं है। फिर पत्रकारों से कहा कि आपको वो दिन नहीं भूलना चाहिए, जब आप पर हो रहे अन्याय के खिलाफ हमने हजरतगंज से विधानभवन तक सड़क और दफ्तर घेर लिए थे।
मुलायम ने कहा, भाजपा के कुछ नेताओं ने भी मुझसे कहा है कि आजम खां के खिलाफ गलत कार्रवाई की जा रही है। इसका नुकसान हमारी पार्टी (भाजपा) को होगा। हालांकि इन नेताओं के नाम मैं सार्वजनिक नहीं करूंगा।
आजम के कद से परेशान है भाजपा
मुलायम ने कहा कि आजम एएमयू से पढ़े हैं। अच्छे वक्ता व विद्वान हैं। संघर्ष की बदौलत देश में उनकी पहचान बन चुकी है। इसलिए भाजपा उनसे परेशान है। यह पूछे जाने पर क्या इस मुद्दे को लेकर पीएम से मिलेंगे, मुलायम ने कहा कि जरूरत पड़ी तो पीएम समेत किसी भी फोरम पर जाएंगे।
मुलायम ने कहा कि रामपुर में आजम पर हो रही कार्रवाई को लेकर उन्हें भाजपा से कोई शिकायत नहीं है। अफसर अन्याय कर रहे हैं। भाजपा को आगे आकर दखल देना चाहिए। इस मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ की भूमिका संबंधी सवाल पर मुलायम ने कोई जवाब नहीं दिया। इतना ही कहा कि सपा के सामने बड़ी चुनौती है।
बखूबी टाले सवाल
लंबे अंतराल के बाद सपा मुख्यालय पर पत्रकार वार्ता में मुलायम ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने और लोकसभा चुनाव में सपा के खराब प्रदर्शन समेत किसी भी मुद्दे पर अपनी राय नहीं दी। कहा आज सिर्फ आजम के मुद्दे पर ही बात करने आया हूं। यह जरूर कहा कि पाकिस्तान में भी दो तरह के विचार काम कर रहे हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद की स्थिति पैदा हो रही है।