फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'हार' पर भड़के नहीं मुलायम, दिया वापसी का ये मंत्र

Tue, 20 May 2014 11:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
उम्मीद की जा रही थी कि चुनाव में करारी हार के बाद मुलायम पार्टी नेताओं की जमकर खबर लेंगे लेकिन हुआ ठीक इसके विपरीत, उन्होंने नेताओं को जीत के मंत्र दिए।
विज्ञापन


समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने समीक्षा बैठक में सभी प्रत्याशियों का हौसला बढ़ाया। कहा, राजनीति में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं।

असली ताकत जनता में हैं। वे सब भी जनता के बीच जाएं, भले ही वोट नहीं दिए लेकिन उनका साथ खड़े हों। उन्होंने इशारों ही इशारों में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को नसीहत भी दी।

मुलायम सिंह ने करीब डेढ़ घंटे के संबोधिन में अपने जीवन के सियासी उतार-चढ़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि मनोबल कम करने की जरूरत नहीं है। लोकतंत्र में ऐसे मौके आते हैं, जब बड़ी हार भी मिलती है और जीत भी।
विज्ञापन

दिया 1993 का उदाहरण

मुलायम ने कहा कि नतीजों से निराश होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने 1991 का उदाहरण देते हुए बताया कि किस तरह पार्टी चंद सीटों में सिमट गई गई लेकिन दो साल बाद ही 1993 में प्रदेश में सरकार बना ली थी।

सभी प्रत्याशी जनता के बीच जाएं। कहे कि बेशक उन्होंने वोट नहीं दिए लेकिन वह हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे।  अपनी बात को मजबूती से लोगों के सामने रखें।

सपा मुखिया ने पार्टी के खराब प्रदर्शन पर इशारों ही इशारों में प्रदेश सरकार के कामकाज पर भी उंगली उठा दी।

कहा, 2004 में वह गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री थे, तब 35 सीट जीतीं, उपचुनाव के बाद 38 सीटें हो गईं थीं। अब बहुमत की सरकार है।

मुलायम ने कहा, इनसे सीखें

मुलायम ने तमिलनाडु में जयललिता, पश्चिमी बंगाल में ममता बनर्जी, उड़ीसा में नवीन पटनायक की जीत का उदाहरण भी दिया। कहा, यह स्थिति हम यूपी में नहीं पैदा कर सके।

उन्होंने कहा, जहां चूक रही है, उसे दुरुस्त कर आगे बढ़ा जाए। मुलायम सिंह यादव ने सपा नेताओं और प्रत्याशियों को लोकसभा चुनावों के परिणामों से निराश न होने और फिर से जनता का भरोसा पाने करने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि जिन सिद्धांतों के लिए सपा प्रतिबद्ध रही है उनके लिए संघर्ष जारी रहेगा। कहा कि लोकतंत्र में जनशक्ति सबसे बड़ी है।
हमें जनता के बीच जाकर तत्काल उसका आभार जताना चाहिए। जनसामान्य को विश्वास दिलाएं कि हम उनके सुख-दुख में उनके साथ रहेगें।

मुख्यमंत्री भी थे बैठक में

मुलायम ने कहा कि सपा सरकार ने दो वर्ष में जनहित की जो योजनाएं चलाई है, जनता उनसे लाभान्वित होगी।

बैठक में मुख्यमंत्री एवं सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव, लोक निर्माण, सिंचाई एवं सहकारिता मंत्री शिवपाल सिंह यादव, विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय, मंत्री बलराम यादव, प्रवक्ता एवं मंत्री राजेन्द्र चौधरी तथा प्रदेश सचिव एसआरएस यादव भी मौजूद थे।

गौरतलब है कि अनुमान लगाए जा रहे थे कि चुनाव में हार के बाद पार्टी में बड़े फेरबदल किए जाएंगे लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया।

बर्क ‌बोले नहीं थी मोदी लहर

संभल सीट से प्रत्याशी रहे शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा कि संभल के विधायक और कैबिनेट मंत्री इकबाल महमूद और उनके जेबी संगठन के लोग उन्हें हराने के लिए बसपा को वोट ट्रांसफर कराने में लगे हुए थे। सपा का जो वोट कटा, उसी के कारण उनकी हार हुई है।

मीटिंग के बाद पत्रकारों से बातचीत में भी बर्क में इकबाल पर खुलकर हमला किया। कहा, प्रदेश में मोदी लहर हो सकती है, संभल में कोई लहर नहीं थी।

मंत्री को उनसे एलर्जी है। उनकी किसी से मुखालफत नहीं थी, लेकिन इकबाल ने मुखालफत निकालने में कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने शेर पढ़ा- ‘घर को आग लग गई, घर केचिराग से’।

बर्क ने इकबाल महमूद को मंत्री पद से हटाने की मांग की है। वर्क के मुताबिक नेताजी ने उनकी बात को गंभीरता से सुना है, फैसला उन्हें ही लेना है। उन्होंने कहा-‘कातिल बहुत जलील हुआ सर उतारकर, हमने दिलों को जीत लिया जंग हारकर ’
विज्ञापन

भटक गया यादव मतदाता

कुछ प्रत्याशियों ने कहा कि चुनाव के दौरान वोटों का जबरदस्त ध्रुवीकरण हुआ। अन्य जातियों के वोट भाजपा को ट्रांसफर हुए लेकिन कई जगह यादव मतदाता भी भटक गए।

कई प्रत्याशियों ने सिर्फ इतना कहा कि उन्हें सिर्फ मुस्लिम वोट मिले हैं, किसी अन्य जाति के नहीं। बिजनौर के प्रत्याशी शाहनवाज राणा ने कहा, उन्हें मिले 2.70 लाख वोटों में 2.65 लाख मुस्लिम वोट हैं।

अफसरों ने पक्षपात से काम किया
कुछ प्रत्याशियों ने अफसरों पर पक्षपातपूर्ण तरीके से काम करने का आरोप लगाया। कुछ अधिकारियों को तो भाजपा का एजेंट कर बता दिया।

कहा कि वे पूरे चुनाव के दौरान पार्टी बनते नजर आए। उनके फैसलों से भाजपा को मदद मिली। पार्टी नेतृत्व ने उनसे पक्षपात करने वाले अधिकारियों के नाम लिखकर देने को कहा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें