समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव की पिछड़ों, किसानों, नौजवानों की हालत की बेबाकी से स्वीकारोक्ति और मुसलमानों की सुरक्षा की चिंता के साथ सपा का नौवां राष्ट्रीय अधिवेशन शुक्रवार को संपन्न हो गया।
मुलायम ने कहा कि पिछड़े वर्गों को मंडल कमीशन का पूरा लाभ नहीं मिल पाया है। राज्य सरकार उनकी निराशा और असंतोष को दूर करने की पहल करेगी। सपा के राष्ट्रीय अधिवेशन के तीसरे दिन खुले सत्र में मुलायम ने कहा कि जितना संघर्ष सपा ने किया है, उतना किसी दूसरे दल ने नहीं किया।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा, आज भले ही सत्ता में हो लेकिन अन्याय के खिलाफ संघर्ष करना मत भूलना। सांप्रदायिक सद्भाव तोड़ने की साजिश हो रही है। सद्भाव और भाईचारा किसी कीमत पर टूटने न देना।
कुछ शक्तियां सीमा पर हो रही गोलाबारी का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश में हैं। मुसलमानों के बारे में राय बदलने की कोशिश हो सकती है, इससे सावधान रहना। कहीं बहस भी हो तो भाईचारे को न भूलना। उन्होंने कहा, पाक कितनी भी गोलाबारी कर ले, हिंदुस्तान का मुकाबला नहीं कर पाएगा। उन्होंने कहा कि हमें भारत की सेनाओं पर भरोसा है, सेना पाक को जवाब देने में सक्षम है।
असफलता भी स्वीकारी
मुलायम ने कहा कि अधिवेशन में मंडल कमीशन की चर्चा हुई है। हमने सूबे में मंडल कमीशन की सिफारिशें लागू की थीं। चंद्रशेखर और बीजू पटनायक ने इसका पुरजोर समर्थन किया था। तब तत्कालीन प्रधानमंत्री चुप हो गए थे। उन्होंने कहा, पिछड़े वर्गों में कुछ असंतोष है। यह पार्टी के हित में नहीं है।
पिछड़े वर्गों को मंडल आयोग का पूरा लाभ नहीं मिल पाया। उन्हें निराश होने की कोई जरूरत नहीं है। कोई रास्ता निकाला जाएगा। केंद्र सरकार से बात करेंगे। राज्य सरकार भी उनकी मायूसी दूर करने की पहल करेगी।
किसानों को नहीं दिला पाए वाजिब दाम
मुलायम ने स्वीकार किया कि हम लोग किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम नहीं दिला पाए। दिल्ली की सरकार के सहयोग के बिना यह संभव नहीं है। गन्ना किसानों की जितनी लागत आती है, उन्हें उससे ड्योढ़ा मूल्य नहीं मिलता। अनाज और अन्य पैदावार करने वाले किसानों का भी यह हाल है।
नौजवानो, आप पर छोड़ता हूं पार्टी के मुद्दे
सपा मुखिया ने कहा, सपा में सर्वाधिक संघर्ष नौजवानों ने किया है। मैं महसूस करता हूं कि नौजवानों में कुछ बेचैनी है। वे पार्टी के लिए खुलकर काम करना चाहते हैं लेकिन कुछ दिक्कतें आती हैं।
आगे नौजवान ही पार्टी का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने कहा, नौजवानो, सारे मुद्दे अब आप पर छोड़ता हूं। समाजवादी नीतियों और आंदोलन को मजबूत करना। मोहल्ले, गांव में कहीं अन्याय, अत्याचार हो, उसके खिलाफ जरूर खड़े होना।