प्रधानमंत्री बनने का सपना टूटने से पार्टी पर मुलायम के गुस्से का कहर जारी है। उन्होंने हार की समीक्षा करते हुए 15 फ्रंटल संगठनों की सभी राज्य इकाइयां को भंग कर दिया है।
लोकसभा चुनाव में करारी हार की गाज समाजवादी पार्टी की प्रदेश इकाई पर भी गिरी है। प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव को छोड़कर सपा की प्रदेश इकाई को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है।
इसके अलावा 15 फ्रंटल संगठनों की राज्य कार्यकारिणी को अध्यक्षों समेत भंग कर दिया गया।
सपा को लोकसभा चुनाव में अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा है। विधानसभा उपचुनावों में भी भाजपा और अपना दल ने सपा से तीन सीटें छीन ली। एक सीट कांग्रेस ने बरकरार रखी।
मुलायम का सपना टूटा
मुलायम सिंह यादव को प्रधानमंत्री बनाने के लक्ष्य के साथ चुनाव में उतरी सपा को नतीजों से बड़ा झटका लगा है।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव लोकसभा चुनाव में अप्रत्याशित हार की लगातार समीक्षा कर रहे हैं।
वह लोकसभा प्रत्याशियों और जिला, शहर अध्यक्षों एवं महासचिवों के साथ अलग-अलग बैठकें करके हार के कारणों पर चर्चा कर चुके हैं।
हार की पहली गाज 36 दर्जा प्राप्त राज्यमंत्रियों पर गिरी थी। 20 मई को उन्हें पदों से हटा दिया गया था। बृहस्पतिवार को सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव की अनुमति से प्रदेश कार्यकारिणी और प्रदेश स्तरीय 15 प्रकोष्ठों को अध्यक्षों सहित भंग कर दिया गया।
चुनाव में नहीं किया सहयोग
मालूम हो कि प्रत्याशियों और अध्यक्षों ने प्रदेश पदाधिकारियों, दर्जा प्राप्त मंत्रियों, मंत्रियों और विधायकों पर चुनाव में अपेक्षित सहयोग न करने का आरोप लगाया था। कुछ पर प्रत्याशियों के खिलाफ काम करने का भी आरोप है।
सपा नेतृत्व का सवाल है कि यदि ध्रुवीकरण का अंदेशा था तो इसे रोका क्यों नहीं जा सका? नतीजों का पहले से अनुमान क्यों नही लगाया जा सका?
ऐसा माना जा रहा है कि समीक्षा बैठकों के बाद कई और नेताओं पर कार्रवाई हो सकती है। कुछ दर्जा प्राप्त मंत्रियों, मंत्रियों और जिलाध्यक्षों को भी हटाया जा सकता है।
विधायकों के साथ बैठक आज
लोकसभा चुनाव में हार की समीक्षा के क्रम में मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव 23 मई को विधायकों के साथ बैठक करेंगे। सपा मुख्यालय में होने वाली बैठक में विधायकों से चुनाव में हार की वजह पूछी जाएंगी। प्रत्याशी, मंत्रियों और संगठन के बार में भी फीडबैक लिया जाएगा।
36 मंत्रियों को कर चुके हैं बर्खास्त
इसके पहले मुलायम और अखिलेश सरकार ने बड़े फैसले करते हुए अखिलेश ने प्रदेश के 36 दर्जा प्राप्त मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया है। इसकी सुगबुगाहट चुनाव नतीजे आने के अगले ही दिन से शुरू हो गई थी।
बर्खास्त की गई सपा की लध्धड़ सेना में से पांच दर्जा प्राप्त मंत्री हैं और बाकी 31 दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री हैं।
पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भी अपना कड़ा रूख अपना रखा है।
अगर लोकसभा चुनाव में आए परिणाम का विश्लेषण करें तो सपा प्रदेश की सिर्फ 42 सीटों पर ही सिमट गई है। ऐसे मे प्रदेश में अपने भविष्य को बचाए रखने के लिए पार्टी गलती करने वाले किसी पदाधिकारी को नहीं बख्शना चाहती है।