रायबरेली-अमेठी से प्रत्याशी न उतारने और इन इलाकों में 24 घंटे बिजली देने वाले सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव गुरुवार को रुहेलों की धरती से कांग्रेस पर हमलावर नजर आए।
उन्होंने राहुल गांधी पर सीधा वार किया। प्रधानमंत्री बनने की उनकी क्षमता पर सवाल उठा दिया।
यह कहकर उन्होंने फिर सियासी अटकलों को बल दे दिया कि सपा के सबसे ज्यादा खिलाफ कांग्रेस है। वह सपा को केसों में भी फंसाती रहती है।
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आजमगढ़ और मैनपुरी के बाद बरेली में सपा की गुरुवार को तीसरी बड़ी रैली थी। इस्लामिया कॉलेज के मैदान में भीड़ से उत्साहित मुलायम के तेवर बदले हुए थे।
आम तौर पर राहुल व सोनिया पर हमले से बचने वाले सपा मुखिया के तरकश के तीर कांग्रेस और राहुल की तरफ चले।
उन्होंने बेबाकी से कहा कि सपा के सबसे ज्यादा खिलाफ कांग्रेस है। यह कहने के बाद उन्होंने आजम खां को आगाह भी किया।
कांग्रेस द्वारा विभिन्न मामलों में फंसाए जाने का जिक्र किया। कांग्रेस पर सपा के हमले को लोकसभा चुनाव से पहले मुस्लिम वोटों को लेकर मचने वाली मारामारी से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
एक मतलब 2014 में केंद्र में बनने वाली गैरकांग्रेसी सरकार के शिल्पकार की भूमिका के तौर पर भी लगाया जा रहा है।
आम तौर पर माना जा रहा है कि यह मुस्लिम वोट बैंक को कांग्रेस में जाने से रोकने की रणनीति का हिस्सा है।
पिछले लोकसभा चुनाव में मुस्लिमों का बड़ा हिस्सा कांग्रेस की तरफ शिफ्ट हो गया था। इससे सपा केवल 23 सीटें जीत पाई थी, जबकि 2004 में वह 30 सीटों पर विजयी रही थी।
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दागियों को चुनाव लड़ने की इजाजत देने वाला अध्यादेश फाड़ने की आड़ में मुलायम ने राहुल की नेतृत्व क्षमता पर सवाल खड़ा कर दिया।
यहां तक कहा कि इस तरह का व्यवहार करने वाला देश का नेतृत्व नहीं कर सकता। उन्होंने राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री के अपमान तक का आरोप लगाया।
नारे मत लगाओ, भारी बहुमत से दिल्ली भेजो
मुलायम ने इशारों ही इशारों में खुद को प्रधानमंत्री पद के दावेदार के रूप में भी पेश किया। इसका गणित भी समझाया।
कहा, लोकसभा चुनाव में न तो कांग्रेस को बहुमत मिलना है और न भाजपा को। तीसरा मोर्चा सरकार बनाएगा।
तमिलानाडु, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा के साथ उत्तर प्रदेश की इसमें अहम भूमिका होगी। यूपी में लोकसभा की 80 सीटें हैं। सपा तीसरे मोर्चे की सबसे बड़ी पार्टी है।
रैली के दौरान मुलायम को प्रधानमंत्री बनाने के नारे भी खूब लगे। इस पर मुलायम ने कहा, नारे लगाने बंद करो, भारी बहुमत से दिल्ली भेजो।
कहा, वादा किया है तो निभाना पड़ेगा। इसके मायने साफ हैं। पिछड़ों, मुसलमानों में मुलायम सिंह को पीएम पद का उम्मीदवार प्रोजेक्ट करने से सपा ज्यादा फायदा देख रही है।
मोदी की रैली का पता होता तो हम आज न करते
भाजपा और नरेंद्र मोदी को लेकर मुलायम के तेवर नरम दिखे। कहा, पटना की सभा में मोदी ने मेरे लिए बहुत बुरा-भला कहा।
आज उनकी आगरा में सभा है और हमारी यहां। मुझे मोदी की सभा की जानकारी होती तो आज हम यहां रैली न करते। यहां की रैली आजम खां ने तय की थी।
बाप-बेटे मिल गए, पहले से ज्यादा सीट जीतेंगे
मुलायम ने याद दिलाया कि 2004 में जब वे मुख्यमंत्री थे तो सपा ने 39 सीटें जीती थीं। 36 आम चुनाव में और तीन उपचुनाव में। 2009 में सपा ने 23 सीटें जीतीं।
अब अखिलेश मुख्यमंत्री हैं। अब अखिलेश और आजम जानें। इस पर आजम खां ने मंच से ही कहा, बाप-बेटे मिल गए हैं। अब पहले से ज्यादा सीट जीतेंगे।
तरफदारी नहीं की, मुस्लिमों को इंसाफ दिया
मुलायम की नजर मुस्लिम वोट बैंक पर रही। उन्होंने आईएमसी के तौकीर रजा खां की तारीफ की। आजम खां को हमेशा की तरह तवज्जो दी।
आजादी के आंदोलन और सीमा की हिफाजत में मुसलमानों के योगदान का जिक्र किया। बताया कि किस तरह सपा के शासन में पुलिस-पीएसी भर्ती में मुसलमानों का सीना चौड़ा हो जाता है।
उन्होंने कहा, मुझ पर मुसलमानों की तरफदारी का आरोप लगाया जाता है, पर हमने तरफदारी नहीं की, उनको इंसाफ दिया।