सपा सुप्रीमो मुलायमसिंह यादव मानते हैं कि देश की सारी समस्याओं की जड़ कांग्रेस और भाजपा हैं।
दोनों अपनी सियासत चलाने के लिए समस्याओं को बनाए रखना चाहते हैं। दोनों देश को बांटने की राजनीति करते हैं।
संसद और संसद के बाहर दोनों का चरित्र और नीतियां एक हैं। संसद में दोनों लड़ाई का नाटक करते हैं, लेकिन स्वार्थ साधने के लिए एक हो जाते हैं।
सदन के बाहर सब तय हो जाता है, अंदर औपचारिकता पूरी करते हैं। तीसरे मोर्चे के सबसे बड़े दुश्मन यही हैं।
दोनों ने सारी ताकत इसलिए लगाई हुई है कि तीसरा मोर्चा आकार न ले पाए।
मुलायमसिंह रविवार सुबह अमर उजाला से मुखातिब थे। उन्होंने कहा, बेतहाशा महंगाई और भ्रष्टाचार बढ़ाने के लिए कांग्रेस-भाजपा दोनों ही जिम्मेदार हैं।
सपा की गोरखपुर रैली से दोनों दलों के खिलाफ आक्रामक हुए मुलायम कहते हैं, संसद में कांग्रेस-भाजपा अपने हित साधने वाले विधेयक बिना किसी मुश्किल के पास करा लेती हैं, लेकिन देशवासियों को फायदा देने वाले काम न उनकी प्राथमिकता में शुमार हैं, न नीति में।
मुलायम ने आरोप लगाया कि अपनी सियासत चमकाने के लिए कांग्रेस-भाजपा ने तेलंगाना मसले पर हाल में संसद का बड़ा अपमान करवाया, संसदीय परम्पराओं की उन्हें चिंता नहीं है।
पं. जवाहरलाल नेहरू छोटे राज्यों केखिलाफ थे। अटलबिहारी वाजपेयी ने छोटे राज्य बनाने के बाद घोषणा कर दी थी कि भविष्य में सभी पार्टियों की राय होगी, तब ही नए राज्य पर विचार किया जा सकता है।
लेकिन, कांग्रेस-भाजपा दोनों ही अपने नेताओं की बात नहीं मानते।
किसी को बहुमत नहीं
सपा सुप्रीमो का मानना है कि यूपीए सरकार की नाकामियों के कारण कांग्रेस तो जा ही रही है, लोकसभा चुनाव में किसी और को बहुमत भी नहीं मिलने जा रहा।
कश्मीर से केरल-तमिलनाडु और उधर कोलकाता तक कांग्रेस और भाजपा कहीं नहीं हैं।
बंगाल में ममता, तमिलनाडु में जयललिता जीत रही हैं।
आंध्र प्रदेश-कर्नाटक में भी भाजपा-कांग्रेस नहीं हैं। विधानसभा चुनाव को आधार बनाएं तो मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में कोई ज्यादा बदलाव नहीं होगा।
बाकी राज्यों में भी कमोबेश यही हाल है। राजस्थान में जरूर भाजपा को पहले से कुछ सीटें ज्यादा मिल सकती हैं।
उन्होंने दोहराया, यूपी में सपा-भाजपा में सीधी टक्कर है। बसपा मैदान से बाहर है।
मोदी का महज हौवा, भाजपा एहसान फरामोश
मुलायम मानते हैं कि मोदी का केवल हौवा है। कॉर्पोरेट सेक्टर अपने स्वार्थ के लिए इसमें मददगार बना है।
भाजपा तो एहसान फरामोश पार्टी है। जो पार्टी अपने को मजबूत बनाने वाले अटलजी-आडवाणीजी जैसे नेताओं को भूल सकती है, वह जनता का ख्याल कैसे रख सकती है।
पहले तो इन नेताओं का नाम याद भी रहता था, अब सिर्फ मोदी है।
सांप्रदायिकता के खिलाफ मैं अकेला लड़ा
मुलायम का दावा है कि सांप्रदायिकता के खिलाफ उन्होंने अकेले लड़ाई लड़ी है।
आज जो नेता सांप्रदायिकता-विरोध के झंडाबरदार बने हैं, वह उस वक्त नजर भी नहीं आते थे, जब यूपी में हम सांप्रदायिक ताकतों से लड़ रहे थे।
उन्होंने कहा, प्रदेश में एक बार फिर वैसा ही माहौल खड़ा करने की कोशिश हो रही है, जनता के साथ मिलकर सपा उन्हें फिर जवाब देगी।
सीमा का संकट भी बड़ा
मुलायम बोले, सीमा पर मुल्क की हिफाजत में जुटे जवानों के सिर काटने की हिमाकत किसी भी देश को शर्मसार करने के लिए पर्याप्त है।
हमारी सरकार है कि जागने को ही तैयार नहीं। पाकिस्तान जैसे अदने पड़ोसी से हम खौफ खाए हैं।
चीन लगातार हमारी सीमा में घुसा चला आ रहा है, सरकार की नींद नहीं खुल रही।
किसान-गरीब-मुसलमान हमारी ताकत
सपा सुप्रीमो का दावा है, अखिलेश सरकार समाज के हर तबके को राहत देने का काम कर रही है।
देश में अकेली सरकार है, जिसने अपने घोषणापत्र के ज्यादातर वादे दो साल के भीतर पूरे कर दिए।
जो नेता अपने विकास-मॉडल को बेहतर बताते हैं, हमने तो उन्हें सार्वजनिक बहस की चुनौती दी थी, कोई आगे ही नहीं आया।
मुलायम का कहना है, किसान, गरीब और मुसलमान हमारी ताकत हैं, इनकी बात कोई नेता नहीं करता। करता है तो झूठे वादे।
लोकसभा चुनाव में हमारी उम्मीदों का आधार यही है।