समाजवादी पार्टी के सदस्यता फार्म कबाड़ की दुकानों पर बिक गए हैं। अब सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के मिशन 2014 के अरमानों पर हरे धनिया की चटनी और हींग चूरन बिक रहा है। पार्टी ने आखिरी बार जून 2011 में सदस्यता अभियान चलाया, लेकिन यह अभियान हवा- हवाई रहा। अभियान के फार्म को रद्दी में बेंच दिया गया।
लोगों ने कर दी धुरखेल
लोहिया की कर्मभूमि रही फर्रुखाबाद संसदीय सीट पर सपाई परचम लहराना ख्वाहिश रही है। इस बार सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव को दिल्ली की कुर्सी पर बैठाने को लेकर जोर आजमाइश की जा रही है, लेकिन इस आजमाइश में सपा के ही कुछ अपने लोगों ने धुरखेल कर दी है।
2011 में चलाया था अभियान
पार्टी ने वर्ष 2011 में सदस्यता अभियान चलाया था। प्रारंभिक सदस्यता (क) वाले सी सीरीज के फार्म जिला पर भेजे गए थे। तीन साल की सदस्यता का शुल्क 10 रुपये था। शहरी व देहात इलाके में एक साथ अभियान चला था। फार्म पर मुलायम सिंह यादव के स्कैन किए हुए दस्तखत हैं। मेन बॉडी के साथ ही फ्रंटल संगठनों को भी कैंप लगाकर सदस्य बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी।
20 हजार सदस्य बने थे
अभियान में 15 से 20 हजार के करीब सदस्य बने थे। पार्टी के सिपाहियों ने यह फार्म कबाड़ की दुकानों पर बेच दिए। यहां से यह भुने आलू की दुकानों पर पहुंच गए। अब इन फार्मों पर आलू के साथ हरे धनिया की चटनी और हींग का नमक मिर्च बेचा जा रहा है। मिशन अस्पताल के पास आलू की दुकानों पर इनकी मौजूदगी मिशन में पिन चुभोने की मंशा साफ जाहिर कर देती है।
और फतह का ख्वाब देख रहे मुलायम
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और उनके मुख्यमंत्री बेटे अखिलेश यादव यूपी के रास्ते दिल्ली फतह के लिए जोर मार रहे हैं। विधानसभा फर्रुखाबाद, भोजपुर, अमृतपुर, कायमगंज और अलीगंज वाली फर्रुखाबाद लोकसभा सीट को लेकर भी पार्टी संजीदा है।
1 फरवरी को अखिलेश की सभा
पांच सीटों में से सदर सीट छोड़ की बाकी चार सपा के कब्जे में हैं। एक फरवरी को नवाबगंज में अखिलेश इसी के मद्देनजर सभा करने आ रहे हैं। इन्हें शायद यकीन नहीं होगा कि यूपी के रास्ते दिल्ली फतह के मिशन में लोहिया के सियासी घर में अपनों ने ही बेवफाई कर दी है।