मौका था सीएम अखिलेश के ड्रीम प्रोजेक्ट के शिलान्यास का और इस मौके पर चीफ गेस्ट मुलायम सिंह यादव ने सबको जमकर लताड़ लगाई। यहां तक कि प्रधान नरेंद्र मोदी को भी नहीं बख्शा।
रविवार को सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह ने 302 किमी लम्बे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया। इस मौके पर सीएम अखिलेश यादव सहित कई मंत्री और प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारी मौजूद थे।
मुलायम सिंह एक्सप्रेस-वे शिलान्यास के कार्यक्रम को लखनऊ में सीएम आवास से संबोधित कर रहे थे। मोदी पर वार करते हुए मुलायम सिंह बोले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमारी नकल कर रहे हैं। शौचालय बनवाने का काम हम बहुत पहले कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता के लिए गरीबी दूर होना जरूरी है और सरकार भी ध्यान नहीं दे पा रही। गरीबी दूर होगी तो अपनेआप स्वच्छता बढ़ेगी। हालांकि विदेश नीति का समर्थन किया।
चुनाव से पहले प्रोजेक्ट पूरा करने की छटपटाहट
मुलायम सिंह मंत्रियों के काम से नाखुश दिखे। उन्होंने सभी मंत्रियों को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया। कहा कि 15 दिन बाद एक-एक ऐसा काम बताएं जिसे अच्छे काम के रूप में गिना जा सके।
सीएम अखिलेश को निर्देश दिए कि 15 दिन बाद की तारीख तय करें। 15 दिन बाद मैं हर मंत्री से उसके अच्छे कामों के बारे में पूछूंगा।
मुलायम सिंह किसी को बख्शने के मूड में नहीं थे। उन्होंने एक्सप्रेस-वे का काम संभाल रही कंपनी के अधिकारियों को मंच पर बुलाकर प्रोजेक्ट के बारे में सवाल-जवाब किए।
कहा कि आज ही बताएं कि एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन कब होगा। उन्होंने कंपनी अधिकारियों को 22 महीने का वक्त दिया और अफसरों से चुनाव के पहले ये प्रोजेक्ट पूरा करने का वादा लिया।
सबके साथ अखिलेश को भी लपेटा
नेताजी ने सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर भी तंज कसा। उन्होंने अखिलेश के काम करवाने के तरीके पर सवाल उठाया।
बोले, न जाने कैसे अखिलेश उस्मानी से काम नहीं ले पाए। वह मेरे सचिव थे तब तो बहुत अच्छा काम करते थे। हालांकि उन्होंने अखिलेश का मनोबल भी बढ़ाया।
उन्होंने अखिलेश की तमाम नई अभियोजनाओं की तारीफ भी की मगर काम में लेटलतीफी होने पर सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने अखिलेश से भी कहा कि शिलान्यास के दिन पता होना चाहिए कि प्रोजेक्ट कब तक पूरा हो जाएगा और उद्घाटन कब है।
इस दौरान सीएम ने इस समारोह में सभी किसानों का धन्यवाद दिया। अखिलेश ने बताया कि इस एक्सप्रेस वे में किसानों का भी बड़ा फायदा होगा।
एक्सप्रेस वे की सड़क के किनारे किसानों के लिए मंडिया लगाई जाएंगी। इन मंडियों में वो फल, सब्जियां, अनाज और दूध बेच सकेंगे। साथ ही किसानों की जमीनों की कीमत भी बढ़ जाएगी।