मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और अत्याचार उत्पीड़न निषेध योजना की ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी। विवाह योजना में पात्र लाभार्थियों के चयन में समस्या आने पर ऑनलाइन सत्यापन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। वहीं, अत्याचार उत्पीड़न पर आर्थिक सहायता प्रदान करने के मामले में पोर्टल पर एससी/एसटी एक्ट के अंतर्गत दर्ज एफआईआर की सूचना सीधे प्राप्त हो सकेगी।
इससे समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध करा दी जाएगी। ये जानकारी समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण की अध्यक्षता में भागीदारी भवन में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में दी गई।
ये भी पढ़ें - मोदी सरकार के नौ साल: एक माह में हर व्यक्ति तक सरकार की उपलब्धियां पहुंचाएगी भाजपा, चुनाव के लिए बनाएगी माहौल
ये भी पढ़ें - कोरोना संकट के दौरान किया खेल: चहेती कंपनियों को अधिकारियों ने दिया करोड़ों का काम, शिकायत करने पर गिराई गाज
असीम अरुण ने कहा कि नवाचार की तकनीक अपनाते हुए योजनाओं को पात्र लाभार्थियों तक समय पर पहुंचाना आवश्यक है। प्रमुख सचिव समाज कल्याण डॉ. हरिओम ने अधिकारियों को समस्त योजनाओं को लागू करने के निर्देश दिए। निदेशक समाज कल्याण पवन कुमार ने अधिकारियों को नियमित दौरा कर योजनाओं का पर्यवेक्षण करने को कहा।
कार्यक्रम में जनपद, मंडल व मुख्यालय स्तर के अधिकारियों की टीमों ने विभागीय योजनाओं की प्रगति, संचालन में आ रही समस्याओं, उनके निराकरण संबंधी कार्य योजना एवं नवाचार के संबंध में प्रस्तुतिकरण दिया। इस अवसर पर योजनाओं को पारदर्शी तरीके से लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। बैठक में समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड, उपाध्यक्ष अनुगम विश्वनाथ, आयुक्त समाज कल्याण हेमंत राव, सचिव समाज कल्याण समीर वर्मा समेत तमाम अधिकारी शामिल हुए।