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मुख्तार अंसारी: पंजाब से वापसी के बाद कसता गया शिकंजा, डेढ़ साल में आठ बार हुई सजा, परिवार था आशंकित

Fri, 29 Mar 2024 07:33 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Mukhtar Ansari Death :पंजाब जेल से यूपी आने के बाद मुख्तार पर शिकंजा कसता ही गया। बीते डेढ़ साल में उसे आठ बार सजा हुई। जिसमें दो बार आजीवन कारावास की सजा भी थी। 
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मुख्तार अंसारी - फोटो : सोशल मीडिया।
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पंजाब की रोपड़ जेल से वापस यूपी आने के बाद माफिया मुख्तार अंसारी पर कानून का शिकंजा कसता चला गया। उसे डेढ़ साल के भीतर आठ बार अलग-अलग अदालतों ने सजा सुनाई, जिससे दो बार आजीवन कारावास की सजा भी शामिल थी। इससे उसका जिंदा जेल से बाहर आना नामुमकिन हो गया था। मुख्तार के परिजन लगातार जेल में उसकी हत्या करने की साजिश रचने का आरोप लगाते रहे। दो दिन पहले भी उसकी अचानक तबीयत खराब होने पर बांदा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, हालांकि कुछ घंटों बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया था।

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बता दें कि रोपड़ जेल में मुख्तार को वीआईपी ट्रीटमेंट देने के आरोप पंजाब की तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर लगे थे। वहीं आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद मुख्तार की खातिरदारी पर खर्च हुए 55 लाख रुपये का भुगतान करने से सरकार ने मना कर दिया था। मुख्तार को वापस लाने के लिए यूपी सरकार सुप्रीम कोर्ट तक गयी, जहां पंजाब पुलिस की तमाम दलीलों के बावजूद अदालत ने मुख्तार को यूपी वापस भेजने का आदेश दे दिया। जिसके बाद 6 अप्रैल 2021 को उसे रोपड़ जेल से एंबुलेंस द्वारा कड़ी सुरक्षा में बांदा जेल लाया गया था। जेल में उसे तन्हाई बैरक में सीसीटीवी की निगरानी में रखा गया। उसकी ड्यूटी पर तैनात जेलकर्मियों को भी लगातार बदला जा रहा था।

65 से ज्यादा मुकदमे
बता दें कि मुख्तार अंसारी के खिलाफ 65 से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे, जिसमें दिल्ली और पंजाब भी शामिल है। यूपी में उसके खिलाफ गाजीपुर, वाराणसी, चंदौली, आजमगढ़, मऊ, सोनभद्र, लखनऊ, बाराबंकी, आगरा में हत्या, लूट, डकैती, अपहरण, रंगदारी, गैंगस्टर, रासुका के मुकदमे दर्ज थे। उसके गैंग के 297 सदस्य और इसके सहयोगियों के खिलाफ भी 161 मुकदमे दर्ज किये जा चुके हैं। साथ ही 175 लाइसेंसी शस्त्र लाइसेंसों पर भी कार्रवाई की जा चुकी है। उसके गैंग के पांच सदस्य पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो चुके हैं। मुख्तार गैंग के 164 सदस्यों के खिलाफ गैंगेस्टर अधिनियम और 6 के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के अन्तर्गत कार्रवाई भी की गई है। अपराध से अर्जित उसकी करीब 608 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त और ध्वस्त कराया जा चुका है। इसके अलावा 215 करोड़ रुपये के अवैध ठेका, टेंडर के कारोबार पर भी अंकुश लगाया गया है।

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