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मोहर्रम गाइडलाइन विवाद : एडीजी बोले, दोबारा सर्कुलर जारी करने की मांग निराधार, जवाद बोले, नफरत पैदा करने वाला है सर्कुलर

Mon, 02 Aug 2021 10:27 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

प्रशांत कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष 2020 में और 2019 में भी हू ब हू ऐसा ही सर्कुलर निकाला गया था। इस तरह के सर्कुलर पुलिस की आंतरिक व्यवस्था के तहत निकाले जाते हैं ताकि फील्ड के पुलिस अफसर यह जान सकें कि किस किस तरह के विवाद हो सकते हैं।
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एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मोहर्रम को लेकर डीजीपी कार्यालय से जारी हुए सर्कुलर की भाषा के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मोहर्रम को लेकर जारी सर्कुलर को एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने सही बताया है। उन्होंने शिया उलमा की ओर से संशोधित सर्कुलर जारी करने की मांग को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि हर साल की तरह इस साल भी पुराने विवादों और इंटेलीजेंस इनपुट के आधार पर सर्कुलर तैयार किया गया है। यह सर्कुलर विभागीय अधिकारियों के लिए है, जो जिलों, रेंज और जोन में तैनात हैं।

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उन्होंने सोमवार को मीडिया को बताया कि वर्ष 2019 व 20 में ऐसा ही सर्कुलर जारी किया गया था। नए सर्कुलर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश और कोविड गाइडलाइन को जोड़ा गया है। सर्कुलर में बताया गया है कि अराजक तत्व किस तरह सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं और फील्ड के अफसर को क्या करना व क्या नहीं करना है। सर्कुलर में किसी धर्म या वर्ग विशेष के लिए कोई आपत्तिजनक शब्द नहीं है। इस तरह के आदेश सभी मुख्य त्योहारों के पहले जारी होते रहे हैं।

उधर,  उलमा ने नाराजगी जताते हुए इसे नफरत पैदा करने वाला बताया है। उलमा ने सोमवार को इस संबंध में सरकार से डीजीपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही सर्कुलर वापस होने तक प्रदेश की सभी मातमी अंजुमनों, धार्मिक संगठनों और हिंदू ताजियोदारों से पुलिस की ओर से आयोजित अमन बैठकों का बहिष्कार करने की अपील की।
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मजलिसे उलमा ए हिंद के महासचिव व इमामे जुमा मौलाना सैयद कल्बे जवाद नकवी ने मोहर्रम सर्कुलर को लेकर अपने आवास पर पत्रकारों के सामने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन ने सर्कुलर में अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल कर मोहर्रम और शिया समुदाय की छवि खराब करने की कोशिश की है। सर्कुलर में लिखा है कि मोहर्रम के जुलूसों में तबर्रा पढ़ा जाता है, जिस पर अन्य समुदाय आपत्ति जताता है। असामाजिक तत्व जुलूस में शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि डीजीपी का बयान मोहर्रम को बदनाम करने की साजिश और शिया व सुन्नी समुदाय के बीच नफरत पैदा करने वाला है। वहीं, यह भी लगता है कि यह सर्कुलर डीजीपी का नहीं, बल्कि अबूबकर बगदादी या ओसामा बिन लादेन का बयान हो।  मौलाना ने कहा कि जब तक सर्कुलर वापस नहीं होगा और पुलिस प्रशासन मांफी नहीं मांगेगा तब तक पुलिस की बैठकों का बहिष्कार किया जाएगा।

सर्कुलर को लेकर सीएम से मिलेगा शिया पर्सनल लॉ बोर्ड
मोहर्रम को लेकर जारी डीजीपी के सर्कुलर के सिलसिले में जल्द ही ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेगा। बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि बोर्ड की अध्यक्ष मौलाना साएम मेंहदी की अध्यक्षता में बोर्ड के पदाधिकारियों की बैठक में डीजीपी के सर्कुलर को वापस लेने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि इस सर्कुलर से प्रदेश में सांप्रदायिक तनाव पैदा होने का खतरा पैदा हो गया है।

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