समारोह में प्रमुख सचिव आलोक कुमार, मुख्य आयुक्त सी जीएसटी केपी सिंह, आईआईए प्रेसिडेंट दिनेश गोय
लखनऊ। वर्ल्ड एमएसएमई दिवस के अवसर पर शनिवार रात इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) की ओर से आयोजित समारोह में प्रमुख सचिव एमएसएमई आलोक कुमार ने कहा कि देश में सबसे अधिक रोजगार सृजन करने वाला क्षेत्र एमएसएमई बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस सेक्टर का दायरा लगातार बढ़ रहा है और यह देश की आर्थिक रीढ़ बन चुका है।
कार्यक्रम के दौरान उद्यमियों ने प्रमुख सचिव समेत अन्य विभागीय अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं। व्यापारियों ने कहा कि एक-एक एमएसएमई यूनिट को पीएफ, ईएसआई, फैक्टरी एक्ट और श्रम विभाग के विभिन्न नियमों का पालन करना पड़ता है, जिससे कामकाज बाधित होता है। जीएसटी की जटिलताओं का जिक्र करते हुए उद्यमियों ने बताया कि हर पांच दिन में फॉर्म भरना पड़ता है और रिटर्न में मामूली चूक होने पर 40 हजार रुपये तक की पेनाल्टी लग जाती है।
प्रमुख सचिव ने समाधान का भरोसा दिलाया। कहा कि राज्य सरकार छोटे और मझोले उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए नियमों को सरल बनाने की दिशा में प्रयासरत है।
इस अवसर पर चीफ कमिश्नर सीजीएसटी केपी सिंह, निर्यात प्रोत्साहन सचिव प्रांजल यादव और क्षेत्रीय पीएफ कमिश्नर अश्विनी कुमार गुप्ता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इससे पूर्व लखनऊ चैप्टर की कार्यकारिणी बैठक में संगठन के आगामी रोडमैप पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम में संयुक्त आयुक्त उद्योग कंचन सुबोध दीक्षित, उपायुक्त उद्योग मनोज चौरसिया, वित्त विभाग की अधिकारी पूजा रमन, प्रेसिडेंट इलेक्ट दिनेश गोयल, लखनऊ चेयरमैन विकास खन्ना, सचिव वैभव अग्रवाल और कोषाध्यक्ष आशीष कुमार समेत आईआईए की केंद्रीय टीम के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। (संवाद)