मुंह में होने वाले कैंसर में जीभ के ऊपर या नीचे होने वाला कैंसर सबसे अधिक खतरनाक होता है। जीभ पर सफेद चकत्ता दिखे तो उसे नजरअंदाज न करें। कई दिनों के इलाज के बाद भी वो ठीक न हो तो तुरंत कैंसर रोग विशेषज्ञ से जांच कराना चाहिए।
ये चकत्ता कैंसर बन सकता है। यह जानकारी केजीएमयू में इंटरनेशनल ओरल प्री कैंसर एंड कैंसर कांग्रेस : ट्रांसलेशनल आंकोलॉजी एंड जीनोमिक्स (आईओपीसीसीसी)-2016 में शुक्रवार को आयोजन सचिव डॉ. दिव्या मेहरोत्रा ने दी।
केजीएमयू के ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग की डॉ. दिव्या मल्होत्रा ने बताया की जीभ की सक्रियता की वजह से इसका इलाज कठिन होता है। इसलिए चिकित्सक को इलाज के दौरान सावधानियां बरतनी पड़ती हैं।
इसके अलावा जीभ किसी नुकीले दांत से खाना खाने के दौरान बार-बार कटती हो और घाव न भरता हो तो ये भी कैंसर हो सकता है। इसलिए नुकीले दांत को डेंटिस्ट से मिलकर ठीक करा लेना चाहिए, जिससे जीभ न कटे।
केजीएमयू के सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग के हेड प्रो. अरुण चतुर्वेदी ने बताया कि 25 से 30 वर्ष की उम्र में कैंसर तेजी से बढ़ता है। ऐसे में इलाज में भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।