लखनऊ। ठाकुरगंज संयुक्त चिकित्सालय में माेतियाबिंद के ऑपरेशन फेको विधि से शुरू हो गए हैं। अभी तक यहां चीरा लगाकर ऑपरेशन होते थे। अस्पताल को मिली नई मशीन से पहली सर्जरी हुई है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अब पहले से भी सुरक्षित तरीके से आंख की सर्जरी संभव हुई है। ठाकुरगंज संयुक्त चिकित्सालय 150 बेड की क्षमता का अस्पताल है। हर दिन ओपीडी में करीब डेढ़ से दाे हजार मरीज आ रहे हैं। सीएमएस डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि सीएसआर फंड से करीब आठ लाख रुपये की फेको मशीन बीते माह मिली थी। अभी तक अस्पताल में मोतियाबिंद की सर्जरी सामान्य रूप से होती है। इसमें आंख में चीरा लगाकर सर्जरी होती थी।
डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि मोतियाबिंद के ऑपरेशन की इस विधि में आंख में महज 2.8 एमएम का एक बारीक छेद किया जाता है। इसके माध्यम से सफेद मोतिया को आंख के अंदर ही घोल दिया जाता है। जिसके बाद फोल्डेबल लेंस को आंख के अंदर प्रत्यारोपित कर दिया जाता है। बताया फेको विधि से एक मरीज की सर्जरी भी हुई है।