ऐशबाग मोती झील स्थित पशु वधशाला (स्लॉटर हाउस) को बंद किया जा सकता है। बिना अनुमति चल रही वधशाला को बंद करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने नगर निगम को नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा है।
इतना ही नहीं पीसीबी ने चेतावनी देते हुए कहा कि क्यों न स्लॉटर हाउस की विद्युत व जलापूर्ति तत्काल प्रभाव से बंद करा दी जाए।
दरअसल, ऐशबाग मोती झील स्थित नगर निगम की पशु वधशाला (स्लॉटर हाउस) से बिना शोधित किए पानी के साथ गंदगी झील से मिलने वाले नाले में बहाई जा रही है।
इससे झील प्रदूषित हो रही है। वधशाला संचालन केलिए पीसीबी से अनुमति भी नहीं ली गई है। जिसको लेकर पीसीबी सदस्य सचिव जेएस यादव ने नगर निगम को नोटिस जारी की है।
इसमें बताया गया है कि बोर्ड के अधिकारियों ने 24 सितम्बर 2012 को निरीक्षण किया था। निरीक्षण के समय पशुओं की स्लॉटरिंग का काम नहीं हो रहा था।
बताया गया कि स्लॉटरिंग का काम सुबह पांच बजे किया जाता है। स्लॉटर हाउस में स्लॉटरिंग केदौरान रक्त, गोबर तथा वाशिंग इत्यादि से युक्त गंदे पानी के शोधन का प्लांट नही है।
बिना शोधित किए ही प्रदूषित गंदा पानी नाले केद्वारा मोती झील में निस्तारित कर दिया जाता है। इससे आसपास के पर्यावरण व आबादी पर प्रतिकूल प्रभावन पड़ने की आंशका है।
पीसीबी ने अक्टूबर 2012 में भी नगर निगम को नोटिस जारी की थी। जिसका जवाब न मिलने पर दोबारा कड़ी नोटिस जारी की गई है।
इसमें पीसीबी ने तय समय में नोटिस का जवाब न देने पर स्लॉटर हाउस को संचालन तत्काल बंद करने की चेतावनी दी है।