लखनऊ। निजी अस्पताल में मरीज की मौत मामले में शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय में मां के बयान दर्ज किए गए। हालांकि, पीड़िता का आरोप है कि आईजीआरएस पोर्टल पर अधिकारियों ने बिना उचित कार्रवाई के शिकायत निस्तारित कर दी। मामले में सीएमओ ने दो सदस्यीय जांच समिति गठित की है।
लखीमपुर खीरी निवासी मोनी गुप्ता के मुताबिक, उनके बेटे हिमांशु गुप्ता को सीने में भारीपन और सांस लेने में तकलीफ होने पर 23 सितंबर की रात वह उसे लोहिया संस्थान की इमरजेंसी ले गईं। वहां हृदय संबंधी गंभीर बीमारी की आशंका जताकर लारी कार्डियोलॉजी भेजा गया। लारी से मरीज को ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया, जहां आईसीयू बेड खाली नहीं होने की बात कही गई।
चार दिन तक सरकारी अस्पताल में बेड नहीं मिलने पर वह कथित तौर पर दलाल के झांसे में आ गईं और 26 सितंबर को बेटे को डालीगंज पुल स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया। आरोप है कि आयुष्मान योजना का लाभार्थी होने के बावजूद अस्पताल ने रुपये वसूले, आईसीयू में मारपीट की और इलाज में लापरवाही बरती। बाद में दूसरे अस्पताल ले जाने पर मरीज को मृत घोषित कर दिया गया।
नर्सिंग होम के नोडल अधिकारी डॉ. एपी सिंह ने बताया कि शुक्रवार को मां के बयान दर्ज कर इलाज से जुड़े दस्तावेज लिए गए हैं। निजी अस्पताल प्रशासन को भी नोटिस जारी कर बयान के लिए बुलाया गया है।