लखनऊ। दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता की जलाकर हत्या करने के आरोपी ससुर रमई और सास कमला को दोषी मानते हुए एडीजे रोहित सिंह ने सात-सात वर्ष की कैद और दो-दो हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। सुनवाई के दौरान पता चला की मृतका का पति नाबालिग है। लिहाजा, उसकी पत्रावली सुनवाई के लिए किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई थी।
कोर्ट में सरकारी वकील ने बताया कि वादी भाईलाल ने काकोरी थाने में 31 जनवरी 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके मुताबिक वादी ने अपनी पुत्री गीता की शादी दो वर्ष पूर्व रमई के पुत्र से की थी। विवाह के बाद मायके आने पर वादी की पुत्री ने बताया कि ससुराल में पति, ससुर रमई, सास कमला और ननद रोशनी उसे कम दहेज लाने का ताना देते हैं और प्रताड़ित करते हैं।
31 जनवरी को बेटी के ससुराल से किसी ने फोन कर बताया कि गीता जल गई है। इस पर जब वादी और परिवार के लोग गीता के ससुराल पहुंचे तो पाया कि गीता की जली हुई लाश कमरे में पड़ी थी। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया की आरोपियों ने दहेज के लिए वादी की पुत्री की हत्या कर दी है। पुलिस ने विवेचना के बाद ननद रोशनी का नाम निकाल दिया था।