लखनऊ। आशियाना के सेक्टर-आई में किराए के मकान में रहने वाली अनामिका (35) ने रविवार तड़के 4.30 बजे फांसी लगा ली। अनामिका ने खुदकुशी से पहले बेटी पीयू के नाम एक पत्र लिखा जिसमें कहा कि बेटा बस यही कहना है कि पढ़ाई करके कुछ बनना और अपने पैरों पर खड़ी होना। सुबह पति ने अनामिका को पंखे से फंदे पर लटका देख नीचे उतारा और लोकबंधु अस्पताल ले गया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतका के चाचा ने आशियाना थाने में पति पर प्रताड़ना का आरोप लगा तहरीर दी है। पुलिस जांच कर रही है।
प्रभारी निरीक्षक आशियाना दीपक कुमार पांडेय के मुताबिक, आलमबाग के गोपालपुरी निवासी राजकुमार सिंह चौहान ने तहरीर दी है जिसमें आरोप लगाया है कि उनकी भतीजी अनामिका आशियाना के सेक्टर-आई के सदाफल प्लाजा के पास किराए पर अपने प्रॉपर्टी डीलर पति विवेक यादव के साथ रहती थी। रविवार सुबह 4.30 बजे सूचना मिली कि अनामिका ने फांसी लगा ली है। जब वह घर पहुंचे तो वहां कोई नहीं था। पता चला कि सभी लोग लोकबंधु अस्पताल गए हैं। वहां पहुंचने पर पता चला कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। राजकुमार सिंह ने कहा कि अनामिका ने 2007 में परिवारीजनों की मर्जी के खिलाफ विवेक यादव से शादी की थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही पति उसे प्रताड़ित किया कर रहा था।
कमरे से मिला बेटी के नाम पत्र
अनामिका के कमरे की तलाशी के दौरान एक पत्र मिला। यह पत्र अनामिका ने अपनी बेटी पीयू के नाम लिखा है जिसमें लिखा है कि बस यही कहना है कि पढ़ाई करके कुछ बनना और अपने पैरों पर खड़ी होना। हां, फोन उतना ही यूज करना जितनी जरूरत हो। जरूरी बातें ही लिख रहीं हूं। बेटा कभी कोई गलत काम नहीं करना। अपने परिवारीजनों के कुछ नाम लिखकर कहा कि कोई सलाह लेना हो तो इन लोगों से ही लेना। अनामिका ने अपने परिवारीजन मायके वालों को संबोधित करते हुए कहा कि पीयू का ख्याल रखना। अंत में लिखा कि जो गलती मैंने की, आप कभी मत करना और हां जो पापा ने किया उसके बारे में आपको मालूम है। उसके प्रूफ कहां हैं, इसकी भी जानकारी है।