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LDA: भगवान भरोसे है काम, कई बड़े प्रोजेक्ट अटके

Sun, 23 Nov 2014 04:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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लखनऊ विकास प्राधिकरण में अफसरों की खाली कुर्सियों से हालात भगवान भरोसे हो चुके हैं। आईटी सिटी, इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम और अक्षयपात्र रसोई जैसी शासन की तीन बड़ी परियोजनाएं एलडीए में ही फंस कर रह गई हैं।
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इन परियोजनाओं का ले-आउट नहीं पास हो पा रहा है। एलडीए बोर्ड की मीटिंग में 25 नवंबर को ये तीन बड़े फैसले किये जाने थे, मगर बैठक स्थगित होने से वे भी अधर में हैं।

अफसरों के न होने की वजह से स्मारक समिति के 5300 कर्मचारियों का अक्तूबर का वेतन और बड़े नक्शे नहीं पास हो रहे हैं। भूखंडों का नामांतरण, फ्रीहोल्ड रुका हुआ है। ठेकेदार पेमेंट न होने की वजह से काम रोक कर हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे हैं।
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25 नवंबर को होने वाली एलडीए बोर्ड की बैठक फिलहाल स्थगित कर दी गई है। एलडीए उपाध्यक्ष व सचिव और अपर सचिव तो पहले से ही नहीं थे लेकिन अब दो और अफसर भी छुट्टी पर चले गए हैं जिससे कई अहम फैसले लंबे खिंच सकते हैं।

नहीं हो रही सुनवाई

इस बात की सूचना मंडलायुक्त लखनऊ को भेज दी गई है। फ्री होल्ड, म्यूटेशन, बड़े नक्शे और पुरानी फंसी हुई फाइलों के काम भी जहां-तहां रुक गए हैं। कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

सीजी सिटी परिक्षेत्र में विकसित की जाने वाली एचसीएल की आईटी सिटी और इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का लेआउट एलडीए की तकनीकी समिति ने नौ नवंबर को पास कर दिया था।

दोनों ही लेआउट को अब प्राधिकरण बोर्ड के समक्ष पास करने के लिए रखे जाने हैं। लखनऊ आईटी सिटी के लिए ओपन टेंडर के बाद एचसीएल की निवेशक कंपनी वामासुंदरी इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड को इसका विकासकर्ता चुना गया है।

कंपनी के कोर एरिया कार्यों के लिए 60 फीसदी और बाकी के लिए 40 फीसदी भूउपयोग प्रस्तावित होगी। कुल 100 एकड़ भूमि पर बनाई जाएगी। 30 एकड़ में सूचना प्रौद्योगिकी इकाई होगी। 20 एकड़ में अन्य प्रौद्योगिकी इकाइयां होंगी।

10 एकड़ कौशल विकास केंद्र बनाया जाएगा।  इसके इलावा 117 एकड़ क्षेत्र में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम और स्पोर्ट्स सिटी होगी। जिसमें अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर के साथ ही रीयल इस्टेट डवलपमेंट किया जाएगा। इन दोनों ही परियोजना में तेजी से काम अधिकारियों के न होने से शुरू नहीं हो पा रहा है।
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5300 कर्मचारियों का वेतन भी फंसा

बसपा काल के स्मारकों और पार्कों के कर्मचारियों को अब तक अक्तूबर माह का वेतन नहीं मिल पाया है। ऐसे में करीब 5300 कर्मचारी और उनके परिवार के लोग परेशान हैं।

प्रबंधन की ओर से अब तक वेतन की फाइल शासन को नहीं उपलब्ध करवाई गई है। दरअसल जब तक  नेट बैंकिंग के जरिये एलडीए वीसी इन कर्मचारियों का वेतन वैरीफाई नहीं करते हैं तब तक वेतन खातों में नहीं पहुंचता है।

प्राधिकरण के करोड़ों के काम करवा रहे ठेकेदारों को भी भुगतान नहीं हो पा रहा है। वे भी काम रोककर हड़ताल पर जाने का मन बना रहे हैं।

अधिकारियों का साफ कहना है कि, वे भुगतान का आदेश नहीं कर सकते हैं क्योंकि कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं है। जबकि, ठेकेदार कह रहे हैं कि, बिना भुगतान के उनको काम जारी रखने में परेशानी हो रही है।
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