उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के 64 लोगों को छुड़ाकर वापस यूपी लाया गया। इसमें राजधानी लखनऊ के छह लोगों समेत पूर्वी यूपी के सर्वाधिक लोग शामिल हैं। वापस लाए गए लोगों से एसटीएफ ने पूछताछ करके जानकारी जुटाई। पूछताछ में पता चला कि अधिक सैलरी का लालच देकर आरोपी इन्हें बुलाते थे।
अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगों के चंगुल से छुड़ाकर म्यांमार से वापस लाए गए लोगों ने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया पर विदेश में नौकरी करने और ज्यादा वेतन दिलाने का झांसा देकर बुलाया गया था। एसटीएफ की नोएडा और मेरठ यूनिट की पूछताछ में यह खुलासा हुआ है। अभी जांच जारी है।
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ये लोग हैं शामिल
64 लोगों में अलीगढ़ -1, बलिया-1, बलरामपुर-5, बस्ती-3, बिजनौर-2, देवरिया-7, गोंडा-3, गोरखपुर-5, जौनपुर-3, कुशीनगर-3, लखनऊ-6, महाराजगंज-6, मेरठ-1, मुरादाबाद-2, प्रतापगढ़-1, शामली-1, सहारनपुर-1, सोनभद्र-1, मऊ-1, गाजीपुर-2, मुजफ्फरनगर-2, औरैया-1, आजमगढ़-2, सिद्धार्थनगर-1, प्रयागराज-2 और बनारस से 1 युवक शामिल है।
वीडियो कॉल पर इंटरव्यू लिया था
एडीजी कानून-व्यवस्था एवं एसटीएफ अमिताभ यश ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि अधिकतर लोग टेलीग्राम व अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोह के संपर्क में आए थे। इनको अधिक वेतन का झांसा देकर कंप्यूटर डाटा ऑपरेटर व कॉल हैंडलर की नौकरी करने के लिए बुलाया गया था। गिरोह के सदस्यों ने इन लोगों का वीडियो कॉल पर इंटरव्यू लिया था। बाद में टेलीग्राम, व्हाट्सएप व ईमेल से नियुक्ति पत्र भेजा गया।