राजधानी लखनऊ में ईद उल अजहा यानि बकरीद शनिवार को मनाई जाएगी। ईद-उल-अजहा की नमाज की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। शहर की सभी मस्जिदों में साफ सफाई का काम अंतिम दौर में है। ईद-उल-अजहा की सबसे बड़ी जमात ऐशबाग ईदगाह, टीले वाली मस्जिद और शिया समुदाय की सबसे बड़ी जमात बड़ा इमामबाड़ा स्थित आसिफी मस्जिद में होगी।
ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने ईद और ईद-उल-अजहा की नमाज ईदगाह में अदा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ईदगाह में नमाज अदा करना सुन्नत ए मुअक्किदा है यानि ईदगाह में नमाज अदा करने का सवाब बहुत ज्यादा है।
पहले कही कि नियत करता हूं मै दो रकात नमाज ईद उल अजहा वाजिब मआ जायद छ तकबीरों के, वास्ते अल्लाह तआला के, पीछे इस इमाम के। मौलाना ने बताया कि अगर इन अलफाज को न दोहरा सके तो सिर्फ दिल में नमाज का ख्याल कर लें।
अल्लाहु अकबर कह कर दोनों हाथ कानों तक उठाकर बांध लें (इस तकबीर को तकबीर ए तहरीमा कहते हैं) सना पढ़ कर पहली तकबीर कहें, यानि अल्लाहु अकबर कह कर कानों तक हाथ उठाएं और छोड़ दें। मौलाना बताया कि इसी तरह दूसरी तकबीर कहीं, यानि अल्लाहु अकबर कहकर कानों तक हाथ उठाकर छोड़ दें, फिर तीसरी तकबीर अल्लाहु अकबर कह कर कानों तक हाथ उठायें और बांध लें। इसके बाद इमाम तिलावत करेंगे और रुकू व सजदा करेंगे।
दूसरी रकात हस्बे दस्तूर शुरू करें। इमाम तिलावत करेंगे उसके बाद रुकू में जाने के बजाए तीन तकबीरें इसी तरह कहें, इसके बाद अल्लाहु अकबर कह कर हाथ उठाएं और रुकू में चले जाएं और बाकी नमाज दूसरी नमाजों की तरह अदा करें।