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होटल व्यवसायी के लिए मंत्री ने एलडीए से कहा, बदल दो मास्टर प्लान, वीसी बोले - कहीं और बनाओ

Sat, 08 Sep 2018 04:10 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : amar ujala
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कारोबारी के होटल का नक्शा पास कराने के लिए आवास राज्य मंत्री सुरेश पासी ने एलडीए से मास्टर प्लान के नियमों में बदलाव का निर्देश दिया है। कारोबारी के समर्थन में लिखे पत्र में नक्शा स्वीकृत करने के पीछे यह तर्क दिया गया है कि होटल कंपनी ने इंवेस्टर्स समिट निवेश के लिए एमओयू किया है।

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आवास राज्यमंत्री ने यह पत्र क्रिकेट स्टेडियम के पास अरदौनामऊ के खसरा संख्या 369/2 पर प्रस्तावित तीन स्टार होटल का मानचित्र स्वीकृत करने के लिए लिखा है। राज्यमंत्री का कहना है कि प्रदेश में निवेश प्राथमिकता पर है। इस होटल के निर्माण का शिलान्यास प्रधानमंत्री की मौजूदगी में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में होना था। मानचित्र स्वीकृत नहीं होने की वजह से इसे शामिल नहीं किया जा सका।

मंत्री ने पत्र में कहा है कि मास्टर प्लान 2031 के सेक्शन 7.2.14 के अनुसार प्रस्तावित बंधे के अलाइनमेंट से बाहर 200 मीटर की सीमा के नियम को शिथिल करते हुए प्रस्तावित प्रोजेक्ट के मानचित्र को स्वीकृति दी जाए। राज्यमंत्री से इस विषय में बात करने के लिए संपर्क किया गया, लेकिन मोबाइल बंद होने की वजह से वार्ता नहीं हो सकी।
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मंत्री के पत्र में दिए तर्क
मंत्री ने अपने भेजे पत्र में कहा है कि सिंचाई विभाग इस परियोजना के बंधे से दूर होने का उल्लेख कर अनापत्ति दे चुका है। राजस्व निरीक्षक ने भी प्रोजेक्ट साइट के नदी से 412 मीटर की दूरी पर मौजूद होने का प्रमाण पत्र देते हुए एनओसी दी है। इस परियोजना के आसपास पूर्व में ही कई परियोजनाओं का निर्माण पूर्व से चल रहा है।

क्या है सेक्शन 7.2.14 ?

मास्टर प्लान 2031 में शामिल इस सेक्शन में कहा गया है कि गोमती नदी के किनारे बंधा का निर्माण प्रस्तावित है। इस प्रस्तावित बंधे के अलाइनमेंट के बाहर के क्षेत्र में सक्रिय भू-उपयोग प्रस्तावित किए गए हैं। बंधे के निर्माण के समय इसके अलाइनमेंट में परिवर्तन की संभावना है।

ऐसे में बंधे के अलाइनमेंट की 200 मीटर की परिधि में प्रस्तावित भू-उपयोग तभी प्रभावी होंगे जब बंधे का निर्माण कर लिया जाए। आशय यह है कि यदि भविष्य में किसी वजह से ही अलाइनमेंट में परिवर्तन करना पड़े तो ऐसे समय में जगह की जरूरत होगी। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए ही जमीन रिजर्व रखी जाती है। यही वजह है कि यहां पर होटल निर्माण अनुमति नहीं दी जा सकती।
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यहां बना लें होटल

वीसी प्रभु एन सिंह ने होटल कंपनी को यह भी प्रस्ताव दिया है कि अगर निवेशक इच्छुक है तो वे गोमतीनगर विस्तार के सेक्टर-4 में प्रस्तावित स्थल के नजदीक ही सात भूखंड 4/5, 4/18, 4/4ए, 4/6, 4/33, 4/33ए, 4/35 में इच्छानुसार खरीदकर होटल का निर्माण किया जा सकता है।

एलडीए के मुख्य नगर नियोजक की रिपोर्ट के मुताबिक, होटल की साइट प्रस्तावित बंधे से 200 मीटर की परिधि के अंदर है। बंधे का निर्माण अभी नहीं किया गया है। ऐसे में यहां मास्टर प्लान-2031 का सेक्शन 7.2.14 लागू होगा। इसके बाद मानचित्र सेल ने होटल के निर्माण के लिए अनुमति के आवेदन को निरस्त किया।

खुद वीसी प्रभु एन सिंह का कहना है कि वहां पूर्व से प्रस्तावित प्रोजेक्ट में क्रि केट स्टेडियम 200 मीटर की परिधि के बाहर है। वहीं शिप्रा स्टेट की इंटीग्रेटिड टाउनशिप की डीपीआर या तलपट मानचित्र को स्वीकृति नहीं दी गई है। टाउनशिप के मानचित्र को स्वीकृति मास्टर प्लान के अनुसार ही दी जाएगी।
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