वर्ष 2015-16 के लिए मनरेगा का बजट नई सरकार के नए दिशानिर्देशों के हिसाब से तैयार करने का काम शुरू हो गया है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने मनरेगा में कृषि व उससे जुड़े कार्यों पर बजट का 60 प्रतिशत काम अनिवार्य कर दिया है।
अब जिले गांवों की आवश्यकता को ध्यान में रखकर खाद बनाने, मेढ़बंदी, भूमि सुधार, नदी सुधार, पौधरोपण जैसे काम कार्ययोजना में शामिल करेंगे।
मनरेगा में पहले रूरल कनेक्टिविटी पर बड़ा फोकस था। सड़कों के खूब काम हुए। तालाब भी खूब खोदे गए। नई कार्ययोजना में दो बड़ा बदलाव हुआ। पहला, 60 प्रतिशत काम कृषि या सीधे कृषि को प्रभावित करने वाले काम का शामिल करना जरूरी हो गया है। कार्ययोजना में ऐसे काम चिह्नित कर स्पष्ट करना होगा।
इसमें खाद बनाना, बाढ़ व जलभराव से खेती बचाने के लिए मेढ़बंदी, जमीन सुधार, नेशनल हाइवे और पीएमजीएसवाई की सड़कों आदि के किनारे पौधरोपण जैसे काम शामिल होंगे।
दूसरा, प्रदेश में पिछड़ेपन के आधार पर चिह्नित 403 ब्लॉकों में ज्यादा मशक्कत करनी होगी। मसलन, यहां कार्ययोजना बनाने के पहले घर-घर सर्वे कर श्रमिकों से पूछना होगा कि वे साल भर में कितने दिन का काम चाहते हैं। किस महीने में कितना काम चाहिए? उनकी मांग के हिसाब से पहले ही काम सुरक्षित कर दिया जाएगा।