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मोदी सरकार ने MNREGA में किए बड़े बदलाव

Mon, 19 Jan 2015 12:14 AM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
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वर्ष 2015-16 के लिए मनरेगा का बजट नई सरकार के नए दिशानिर्देशों के हिसाब से तैयार करने का काम शुरू हो गया है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने मनरेगा में कृषि व उससे जुड़े कार्यों पर बजट का 60 प्रतिशत काम अनिवार्य कर दिया है।
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अब जिले गांवों की आवश्यकता को ध्यान में रखकर खाद बनाने, मेढ़बंदी, भूमि सुधार, नदी सुधार, पौधरोपण जैसे काम कार्ययोजना में शामिल करेंगे।

मनरेगा में पहले रूरल कनेक्टिविटी पर बड़ा फोकस था। सड़कों के खूब काम हुए। तालाब भी खूब खोदे गए। नई कार्ययोजना में दो बड़ा बदलाव हुआ। पहला, 60 प्रतिशत काम कृषि या सीधे कृषि को प्रभावित करने वाले काम का शामिल करना जरूरी हो गया है। कार्ययोजना में ऐसे काम चिह्नित कर स्पष्ट करना होगा।

इसमें खाद बनाना, बाढ़ व जलभराव से खेती बचाने के लिए मेढ़बंदी, जमीन सुधार, नेशनल हाइवे और पीएमजीएसवाई की सड़कों आदि के किनारे पौधरोपण जैसे काम शामिल होंगे।
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दूसरा, प्रदेश में पिछड़ेपन के आधार पर चिह्नित 403 ब्लॉकों में ज्यादा मशक्कत करनी होगी। मसलन, यहां कार्ययोजना बनाने के पहले घर-घर सर्वे कर श्रमिकों से पूछना होगा कि वे साल भर में कितने दिन का काम चाहते हैं। किस महीने में कितना काम चाहिए? उनकी मांग के  हिसाब से पहले ही काम सुरक्षित कर दिया जाएगा।
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मनरेगा में ये काम भी होंगे

ग्राम्य विकास विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार ने ब्लॉक स्तर पर स्टेडियम बनाने की योजना बनाई है। मनरेगा की मदद से यह काम होगा।

अधिकारी ने बताया कि जिलों से जल्द से जल्द कार्ययोजना बनाकर उपलब्ध कराने को कहा है। केंद्र से करीब 5000 करोड़ की कार्ययोजना मंजूर कराने की तैयारी है।

इस तरह से बटेंगे काम
इंदिरा आवास में काम करें तो मजदूरी लें।
जिस लाभार्थी का इंदिरा आवास मंजूर हुआ है और यदि वह जॉब कार्ड धारक है तो वह इसके बनवाने में काम करके 90 दिन तक की मजदूरी प्राप्त कर सकता है। जॉब कार्ड धारकों को इसकी जानकारी देने को कहा गया है।

मुर्गी-बकरी पालें तो शेल्टर होम बनाएं
यदि कोई जॉब कार्ड धारक मुर्गी या बकरी पालन करना चाहता है। वह बैंक से ऋण लेकर यह काम शुरू कर सकता है। मनरेगा के अंतर्गत व इनके शेल्टर होम बनवा सकेंगे। नई कार्ययोजना में इन कार्यों को शामिल किया जा रहा है।
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