प्रदेश में प्रतिवर्ष 44 लाख से अधिक पशु काटे जाते हैं। इनमें 37 लाख से अधिक पशु तो सिर्फ विदेशों को मांस निर्यात करने के लिए काटे जाते हैं।
उत्तर प्रदेश में इतने बड़े पैमाने पर पशुओं की कटाई होने के बावजूद वधशालाओं को पशुओं की आपूर्ति के लिए अभी तक कोई नियमावली नहीं बन पाई है।
वधशालाएं ठेकेदारों के जरिये पशुओं की खरीद करती हैं। यह सारी जानकारी खुद सरकार ने दी है।
विधान परिषद में बृहस्पतिवार को भाजपा के हृदयनारायण दीक्षित के सवाल पर सरकार की तरफ से लिखित उत्तर में यह जानकारी दी गई।
पशुधन मंत्री राजकिशोर ने बताया कि निर्यात के मानकों के अनुसार बनी पशुवधशालाओं में प्रतिवर्ष औसतन 37 लाख 05 हजार 661 पशु काटे जाते हैं।