यूपी बोर्ड के कॉपियों का मूल्यांकन 30 मार्च से शुरू होकर 15 दिनों तक चलेगा। प्रदेश में 235 मूल्यांकन केंद्रों पर कॉपियां जांची जाएंगी। इस दौरान सामूहिक नकल, गणित में 95 प्रतिशत तथा अन्य विषयों में 90 फीसदी से अधिक अंक मिलने पर दुबारा कॉपियां जांची जाएंगी।
उप प्रधान परीक्षक खुद इसे जांचेगा और इसकी पूरी रिपोर्ट क्षेत्रीय कार्यालय के अपर सचिव माध्यमिक शिक्षा को भेजेगा। प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार ने गुरुवार को इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है।
उन्होंने कहा है कि मूल्यांकन के दौरान परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र पर सामूहिक व अकेले नकल कराने की बात सामने आती है तो उपप्रधान परीक्षक अपनी रिपोर्ट व सिपारिश के साथ उपनियंत्रक से प्रतिहस्ताक्षरित कराकर क्षेत्रीय अपर सचिव को अग्रिम कार्यवाही के लिए उसकी कॉपी भेजेंगे।
इससे संबंधित उत्तर पुस्तिकाओं व परीक्षा केंद्रों के संबंध में कार्यवाही की जाएगी। जांच के दौरान यदि पता चलता है कि परीक्षक ने अनियमित रूप से मूल्यांकन किया है, तो पुनर्मूल्यांकन कराते हुए संशोधित प्राप्तांक परिषद कार्यालय को भेजे जाएंगे।