माध्यमिक शिक्षा विभाग में आनलाइन अंतर्जनपदीय स्थानांतरण में स्थानांतरित किए गए 1115 शिक्षकों और 66 प्रधानाध्यापक - प्रधानाचार्यों में से 30 प्रतिशत से ज्यादा ने पांच महीने बाद भी नई जगह पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया है।
बहराइच, बलरामपुर, चंदौली, सोनभद्र, सिद्धार्थनगर, चित्रकूट, श्रावस्ती और फतेहपुर आकांक्षी जिलों में स्थानांतरित शिक्षकों की जगह नए शिक्षक नहीं मिलने के कारण शिक्षक कार्य मुक्त नहीं हो सके। वहीं जिन स्कूलों में दो या दो से कम शिक्षक थे, वहां भी नए शिक्षक नहीं मिलने के कारण स्थानांतरित शिक्षकों कार्य मुक्त नहीं हो सके।
माध्यमिक शिक्षा विभाग में तबादला नीति के अतिरिक्त जनहित में संवर्ग के चार प्रतिशत सीमा तक तबादला करने का अधिकार उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को दिया गया था। इसके अतिरिक्त पार्टी, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से मिली सिफारिशों पर उप मुख्यमंत्री के चार प्रतिशत कोटे में ऑफ लाइन तबादले भी बड़ी संख्या में किए गए थे। सूत्रों के मुताबिक ऑफ लाइन तबादला कराने वाले सहायक अध्यापक, प्रवक्ता, प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्य पसंदीदा स्कूल लेकर फायदे में रहे।